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ब्रिटिश पेट्रोलियम ने रोजनेफ्ट से नाता तोड़ने की घोषणा तो की लेकिन अलग होने की मंशा नहीं

नयी दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। यूक्रेन पर रूस के हमले के विरोध में जब कई कंपनियां धड़ाधड़ वहां से अपना कारोबार समेटने की घोषणा कर रहीं थीं तो इसी झोंके में ब्रिटिश पेट्रोलियम (बीपी) ने भी रूस की सबसे बड़ी तेल कंपनी रोजनेफ्ट में अपनी हिस्सेदारी खत्म करने की घोषणा कर दी। लेकिन फरवरी में इस संबंध में की गयी घोषणा के बावजूद बीपी की मंशा रोजनेफ्ट छोड़ने की दिख नहीं रही है। एनर्जी इंटेलिजेंस के मुताबिक सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, बीपी ने रोजनेफ्ट या दोनों कंपनियों के किसी भी संयुक्त उपक्रम में अपनी हिस्सेदारी छोड़ने की दिशा में कोई भी कदम नहीं उठाया है। रोजनेफ्ट के शेयरधारकों के करीबी सूत्रों ने बताया कि बीपी अब भी रोजनेफ्ट का एक शेयरधारक है और वह शेयरधारक समझौते के तहत रूस के भागीदारों के साथ लगातार बातचीत भी कर रहा है। बीपी से जब इस विषय में पूछा गया तो उसने लिखित जवाब दिया, जिसमें उसने 27 फरवरी को जारी प्रेस विज्ञप्ति को ही दोबारा उद्धृत किया है। बीपी ने कहा कि वह इस दिशा में काम कर रहा है लेकिन इसके बारे में कोई अपडेट अभी कंपनी के पास नहीं है। बीपी ने यह भी दावा किया था कि उसके दो निदेशक रोजनेफ्ट बोर्ड से तत्काल प्रभाव के साथ 27 फरवरी को इस्तीफा दे देंगे। ये दो निदेशक बीपी के मौजूदा सीईओ बर्नार्ड लूनी और पूर्व सीईओ बॉब डडली हैं। बीपी के ये दावे धरातल पर कहीं नहीं दिखते। दोनों निदेशक अब भी रोजनेफ्ट की वेबसाइट पर निदेशक के रूप में दिख रहे हैं। रूस के सूत्रों ने एनर्जी इंटेलीजेंस को बताया कि उन्हें कोई आश्चर्य नहीं होगा कि बीपी रूस के पासपोर्ट वाले उम्मीदवारों के नाम रोजनेफ्ट के शेयरधारकों की जून में होने वाली वार्षिक बैठक में चुनाव के लिये पेश करे। नये उम्मीदवारों की सूची पर मई तक अनुमोदन जरूरी है। संयुक्त उपक्रम और तेल खरीद बीपी न सिर्फ रोजनेफ्ट के साथ अब तक जुड़ा है बल्कि दोनों के संयुक्त उपक्रम में भी उसकी भागीदारी जारी है। रोजनेफ्ट के साथ बीपी के तीन संयुक्त उपक्रम हैं, जिनमें से तास-यूरख नेफ्तेगास्दोबाइचा में बीपी की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी, खरमपूरनेफ्तेगास में बीपी की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी और यरमाक नेफ्तेगास में भी बीपी की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है। बीपी की रूस आधारित इकाई बीपी रशियन इन्वेस्टमेंट लिमिटेड ने रोजनेफ्ट को 11 मार्च को खरमपूरनेफ्तेगास के बोर्ड में अपने द्वारा नामित सदस्य स्टीफन रेमर को हटाने के बारे में सूचना दी थी। बीपी ने स्टीफन की जगह अफ्गान हुसेनोव का नाम प्रस्तावित किया था। बीपी ने निदेशक बदलने के विषय में कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। सूत्रों के मुताबिक बीपी रूस से तेल की खरीद भी जारी रखे हुये है लेकिन वह अपने अनुबंधों पर टिका है और वह खेप बढ़ाने की कोशिश नहीं कर रहा है। बीपी ने बयान में कहा है कि वह रूस की कंपनियों के साथ तेल और गैस की खरीद के लिये कोई नया समझौता नहीं करेगा। बीपी सभी प्रतिबंधों को मानना जारी रखेगा। सूत्रों ने बताया कि बीपी के अलावा एक्सॉन मोबिल, शेल और एक्वि नोर भी रूस से अपना कारोबार समेटने की जल्दी में नहीं दिख रहे हैं। इन कंपनियों ने रूस में जारी परियोजनाओं से अपने हाथ खींचने की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की है। हालांकि, नयी परियोजनाओं को शुरू करने को लेकर बातचीत बंद हो गई है लेकिन पुरानी परियोजनाओं पर पूर्ववत काम हो रहा है। –आईएएनएस एकेएस/एसकेपी

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