नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग प्रणाली में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। अब ई-आधार प्रमाणीकरण के ज़रिए तत्काल टिकट की बुकिंग की जाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य फर्जी बुकिंग को रोकना है, ताकि जरूरतमंद यात्रियों को समय पर कन्फर्म टिकट मिल सके।
कन्फर्म टिकट के लिए यात्रियों में अब भी है भारी प्रतिस्पर्धा
रेलवे के अनुसार, प्रतिदिन औसतन 2.25 लाख यात्री IRCTC के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर तत्काल टिकट बुक करने की कोशिश करते हैं। लेकिन टिकट इतने तेजी से भरते हैं कि अधिकांश यात्रियों को पहले ही मिनट में निराशा झेलनी पड़ती है। 24 मई से 2 जून के बीच के आंकड़े दर्शाते हैं कि एसी क्लास की बुकिंग खुलते ही पहले ही मिनट में केवल 5,615 टिकट ही बुक हो पाए, जबकि 1.08 लाख टिकटों की संभावना थी। अगले 10 मिनट में 67,000 से ज्यादा टिकट भर गए, जो कुल तत्काल टिकटों का लगभग 62.5 प्रतिशत है। नॉन-एसी क्लास में भी पहले 10 मिनट के भीतर लगभग 66 प्रतिशत टिकट बिक चुके थे। इससे यह स्पष्ट होता है कि मांग काफी अधिक है और पहले से सिस्टम में एक्टिव यूज़र्स बाकी यात्रियों से आगे निकल जाते हैं, जिनमें कई बार बॉट्स और स्क्रिप्ट्स से बुकिंग करने वाले भी शामिल होते हैं।
13 करोड़ अकाउंट्स में से केवल 1.2 करोड़ आधार-लिंक्ड
IRCTC के प्लेटफॉर्म पर 13 करोड़ से अधिक सक्रिय यूज़र्स हैं, लेकिन इनमें से मात्र 1.2 करोड़ ही आधार से वेरीफाइड हैं। रेलवे अब बाकी अकाउंट्स की जांच में जुट गया है और लगभग 20 लाख खातों को संदिग्ध मानते हुए उनके आधार और अन्य दस्तावेजों की सत्यता की जांच की जा रही है। फर्जी पाए गए खातों को निष्क्रिय कर दिया जाएगा।
आधार लिंक अकाउंट्स को मिलेगी प्राथमिकता
रेलवे की योजना है कि जिन यूज़र्स ने अपने IRCTC अकाउंट को आधार से लिंक किया है, उन्हें तत्काल टिकट बुकिंग शुरू होने के पहले 10 मिनट में प्राथमिकता दी जाएगी। यानी सिस्टम पहले इन यूज़र्स की पहचान करेगा और फिर बुकिंग प्रक्रिया शुरू होगी। इससे बॉट्स और स्क्रिप्ट्स के ज़रिए होने वाली बुकिंग पर अंकुश लगेगा और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी व निष्पक्ष बनेगी।
जल्द लागू होगा नया सिस्टम
रेलवे का लक्ष्य है कि तकनीक के माध्यम से टिकट बुकिंग को और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए। ई-आधार आधारित यह नई व्यवस्था जल्द ही लागू की जाएगी। इसके बाद तत्काल टिकट बुक करने वाले यात्रियों को आधार सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। इससे ऑनलाइन टिकट बुकिंग में दलालों और अवैध बुकिंग नेटवर्क पर लगाम लगेगी और वास्तविक यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बेहतर होगी।





