नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। देश में आज से एक नई कैब सेवा ‘भारत टैक्सी’ की औपचारिक शुरुआत हो गई है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के विज्ञान भवन में इस कोऑपरेटिव-बेस्ड राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म को लॉन्च किया। ‘सहकार से समृद्धि’ के विज़न पर आधारित भारत टैक्सी को सरकार ओला-उबर जैसी प्राइवेट कैब सर्विसेज के विकल्प के तौर पर पेश कर रही है। सरकार का दावा है कि यह सेवा न सिर्फ यात्रियों को किफायती और सुरक्षित राइड देगी, बल्कि इससे जुड़े कैब ड्राइवर्स यानी ‘सारथियों’ को भी सीधा और बड़ा फायदा मिलेगा।
ड्राइवर-सेंट्रिक है भारत टैक्सी मॉडल
सहकारिता मंत्रालय के मुताबिक, भारत टैक्सी को पूरी तरह ड्राइवर-सेंट्रिक मॉडल पर डिजाइन किया गया है। इस प्लेटफॉर्म से अब तक करीब 4 लाख ड्राइवर जुड़ चुके हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। खास बात यह है कि इसका पायलट प्रोजेक्ट नवंबर से ही दिल्ली-एनसीआर में चल रहा था, जिसे यात्रियों और ड्राइवर्स दोनों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला।
सारथियों को मिलेगा बीमा और सामाजिक सुरक्षा
लॉन्च कार्यक्रम के दौरान टॉप परफॉर्मिंग सारथियों को सम्मानित भी किया जाएगा। इसके साथ ही ड्राइवर्स को 5 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और 5 लाख रुपये का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा। यानी भारत टैक्सी न सिर्फ ड्राइवर की, बल्कि उनके परिवार की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखेगी। इसके अलावा, रिटायरमेंट सेविंग्स, हेल्थ सपोर्ट और डेडिकेटेड ड्राइवर असिस्ट सिस्टम के जरिए सामाजिक सुरक्षा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
जीरो कमिशन के करीब मॉडल
भारत टैक्सी का सबसे बड़ा आकर्षण इसका लो-कमिशन मॉडल है। ‘सारथी ही मालिक’ के सिद्धांत पर बनी इस सर्विस में ड्राइवरों से प्रति राइड महज 6 रुपये का नाममात्र कमिशन लिया जाएगा। पूरे दिन में यह राशि अधिकतम 35 रुपये तक सीमित है। चाहे राइड 200 रुपये की हो या 500 रुपये की, ड्राइवर को लगभग पूरा किराया मिलेगा। सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि किराए का करीब 80% हिस्सा सीधे ड्राइवर के खाते में जाएगा, जो किसी भी निजी कैब एग्रीगेटर के मुकाबले कहीं ज्यादा है।
महिला सशक्तिकरण पर भी जोर
भारत टैक्सी में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए ‘सारथी दीदी’ और ‘बाइक दीदी’ जैसी पहलें चलाई जा रही हैं। अब तक 150 से ज्यादा महिला ड्राइवर इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुकी हैं। खास बात यह है कि महिला यात्री अपनी यात्रा के लिए फीमेल राइडर का विकल्प भी चुन सकेंगी, जिससे सुरक्षा और भरोसा दोनों बढ़ेगा।
10 करोड़ रुपये सीधे ड्राइवरों तक होंगे वितरित
सरकार के अनुसार, भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म से अब तक 10 लाख से ज्यादा यूजर्स जुड़ चुके हैं और करीब 10 करोड़ रुपये की राशि सीधे ड्राइवरों में वितरित की जा चुकी है। अमित शाह ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत टैक्सी इस बात का उदाहरण है कि सहकारिता के जरिए छोटे लोग मिलकर बड़ी शुरुआत कैसे कर सकते हैं।
निजी कंपनियों को चुनौती?
कुल मिलाकर, भारत टैक्सी न सिर्फ एक नई कैब सर्विस है, बल्कि यह ड्राइवरों को मालिकाना हक, सम्मान और आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में यह प्लेटफॉर्म निजी राइड-हेलिंग कंपनियों के लिए एक मजबूत चुनौती बन सकता है।





