नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बांग्लादेश में चल रहे सियासी संकट का लाभ भारत को मिल सकता है। वहां पर चल रहे संकट के तहत सारी सेवाएं बाधित हैं। बांग्लादेश को टेक्सटाइल का एक बड़ा निर्यातक माना जाता है लेकिन वहां चल रहे हिंसक प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नुकसान हुआ है।
भारत का रुख कर सकते हैं निर्यातक
बांग्लादेश को ब्रिटेन, अमेरिका, यूरोपीय यूनियन से ज्यादा ऑर्डर मिलते हैं। अगर बांग्लादेश में लंबे समय तक यही सब चलता रहा तो निर्यातक भारत का रुख कर सकते हैं और इससे भारत को फायदा मिलेगा। वहां पर फैली हिंसा के कारण टेक्सटाइल इंडस्ट्री को भी नुकसान हुआ है। कई भारतीय कंपनियों ने बांग्लादेश में मैन्यूफैक्टरिंग यूनिट्स लगाई हैं जो बिजनेस का 25 प्रतिशत हिस्सा है।
वहां पर चल रही हिंसा के कारण कंपनियां अपना बिजनेस भारत में वापस ला सकती है। मैरिको कंपनी का 44 प्रतिशत रेवेन्यू बांग्लादेश से आता है। ओवरऑल टॉपलाइन को बात करें तो देश इसमें 12 प्रतिशत का सहयोग देता है।
इस कंपनी का प्रमुख सोर्स है बांग्लादेश
ट्रेंट : इस टाटा ग्रुप की कंपनी की सोर्सिंग का प्रमुख सोर्स बांग्लादेश है। इनके अलावा गारमेंट और टेक्सटाइल कंपनियों को भी नुकसान हो सकता है क्योंकि यह अपने सप्लाई चेन के लिए बांग्लादेश पर निर्भर हैं।
डाबर कंपनी वेट एंड वॉच स्थिति में है
गाजियाबाद में बेस्ड डाबर कंपनी वर्तमान में वेट एंड वॉच मोड में है। कंपनी को बांग्लादेश से 1 प्रतिशत कंसोलीडेटिड टॉपलाइन मिलता है। कंपनी की वाटिका हेयर ऑयल और ओडोनिल फ्रेशनर का मैन्यूफैचिरिंग प्लांट बांग्लादेश में लगाया गया था।
अडानी ग्रुप बांग्लादेश में इडिबल ऑयल बेचते हैं
इंडियन कंज्यूमर गुड्स कंपनी अडानी ग्रुप बांग्लादेश में है। इस कंपनी की विल्मर इंटरनेशनल लिमिटिड के साथ पार्टनरशिप थी। अडानी ग्रुप बांग्लादेश में इडिबल ऑयल बेचते हैं। यह वहां की एक लीडिंग कंपनी है। ढाका बेस्ड कंपनी रूपचंद्र और मीजन हर साल 30,700 टन पाम ऑयल बेचता है। BEOL की स्थापना 1993 में हुई थी। यह कंपनी कंज्यूमर पैक एडिबल ऑयल की एक बहुत ही अच्छी कंपनी है।
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