नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। शेयर मार्केट या गोल्ड इनवेस्टमेंट के अलावा कई ऐसे विक्लप आ गए हैं जो लोगों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित कर रहे हैं। हालांकि कुछ ऐसे निवेशक भी हैं जो काफी लंबे समय से शेयर मार्केट में निवेश कर रहे थे लेकिन इन दिनों शेयर बाजार का अस्थिर होना उनके लिए न सिर्फ सिरदर्द बन गया है बल्कि आर्थिक मोर्चे पर भी उन्हें तगड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। जहां अभी तक FD या RD जैसी स्कीम्स को सुरक्षित माना जाता था वहीं अब निवेशक बांड की तरफ भी अपना रुख कर रहे हैं। यहां से निवेशकों को एक फिक्सड रिटर्न मिल जाता है।
बांड खरीदने पर मिलता है इतना रिटर्न
सेविंग अकाउंट में बैंक की ओर से लगभग 2.5 प्रतिशत ब्याज दिया जाता है जबकि वो कंपनिया जो बांड जारी करती हैं वो निवेशकों को आकर्षित करने के लिए न्यूनतम 7 प्रतिशत से अधिकतम 14 प्रतिशत तक का रिटर्न ऑफर करती हैं। निवेशक बांड में किस्मत आजमा कर 9 से 12 प्रतिशत का फिक्सड रिटर्न बड़ी ही आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसमें दूसरी इनवेस्टमेंट्स स्कीम्स की तुलना में कम रिस्क और ज्यादा रिटर्न मिलता है।
दो तरह के होते हैं बांड
बांड दो प्रकार के होते हैं- सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड। सिक्योर्ड बांड की बात करें तो ये ऐसे बांड होते हैं जो पूरी तरह से सेफ होने की गांरटी देते हैं। सिक्योर्ड बांड में कंपनी निवेश को पूरी तरह सुरक्षित तो करती है लेकिन बदले ऐसी कोई बहुमूल्य चीज गिरवी को तौप पर रख लेती है जो बांड खरीददार चुकाने में फेल हो जाता है तो कंपनी उस चीज को जब्त कर लेती है और उसके जरिए क्षति पूर्ति करती है। अनसिक्योर्ड बांड में कंपनी कोई भी चीज गिरवी नहीं रखती लेकिन इस बात की पुष्टी करती है कि कंपनी के दिवालिया होने की स्थिति में कंपनी का पैसा तो डूबेगा ही इसके साथ ही निवेशक का पैसा भी डूब जाएगा और ग्राहक इससे संबंधित कोई क्लेम नहीं कर सकता।





