नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आज संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती पर यानी 14 अप्रैल को पूरे भारत में इस दिन राष्ट्रीय अवकाश रहता है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, तेलंगाना समेत कई राज्यों में इस अवसर पर बाबा के सम्मान स्वरुप कई कार्यक्रमों का आयोजन होता है व रैली, जूलुस निकाले जाते हैं। ज्यादातर लोगों को नहीं पता कि आज इस अवसर पर कहा क्या-क्या बंद रहेगा।
मुंबई से तिरुवनंतपुरम तक बैंक बंद
आज के दिन डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जन्म जयंती पर हर साल 14 अप्रैल को पूरे भारत में राष्ट्रीय अवकाश होता है। केन्द्र सरकार के मुताबिक, आज सरकारी और प्राइवेट दोनों क्षेत्रों में कई सेवाएं और संस्थान इस दिन बंद रहेंगे। ज्यादातर राज्यों में आज सरकारी और प्राइवेट बैंकों की छुट्टियां रहेंगी, इसके साथ ही, पोस्ट ऑफिस सेवा, केन्द्र संचालित सेवा, कोर्ट, स्कूल और शेयर बाजारों में भी अवकाश रहेगा। इसके अलावा, आज कुछ राज्यों में तमिल नववर्ष, बिहू जैसे त्योहार भी मनाए जा रहे हैं जिसके चलते लगभग मुंबई, दिल्ली, कर्नाटक, पंजी, पटना, श्रीनगर और तिरुवनंदपुरम तमिलनाडु समेत कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे।
डिजिटल बैंकिंग सेवाएं रहेगी चालू
हालांकि, मध्य प्रदेश, नागालैंड, नई दिल्ली, मेघालय और हिमाचल प्रदेश में कुछ बैंक की शाखाएं खुली रहेंगी. जिसमें फिजिकल तौर पर बैंक भले ही अंबेडकर जयंती के दिन बंद रहेगा लेकिन डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे- इंटरनेट बैंकिंग, व्हाट्सएप बैंकिंग पूरी तरह से काम करेगा। इसके अलावा, ज्यादातर जगहों पर प्राइवेट बिजनेस, रिटेल आउटलेट्स और अन्य जरूरी सामानों की सेवाएं जारी रहेंगी। वही अप्रैल माह के दूसरे और चौथे शनिवार सार्वजनिक अवकाश को मिलाकर कुल 15 दिन बैंकों की छुट्टी रहेगी। इसलिए बैंक जाने से पहले ये खबर जरुर पढ़कर जाए। ताकि आपको किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े।
कौन हैं बाबा अंबेडकर?
बता दे, आज यानी 14 अप्रैल सन् 1891 को ही डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने एमपी के महू जिले में जन्म लिया था। जो वकील होने के साथ-साथ अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक भी रहे थे। इन्होनें भारत के संविधान के मसौदे को बनाने वाली कमिटी की अध्यक्षता भी की थी। इसलिए, आज के दिन डॉक्टर अंबेडकर की 134वीं जन्म जयंती मनाई जा रही है। इसी कारण आज के दिन बाबा साहेब की जयंती के अवसर पर पूरे भारत में राष्ट्रीय अवकाश घोषित की गई थी।





