नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को मतदान होना है। इस चरण में राज्य की 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे, जहां कुल 1448 उम्मीदवार मैदान में हैं। पहले चरण में रिकॉर्ड 92.72 प्रतिशत मतदान के बाद अब दूसरे चरण को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।
TMC के गढ़ में BJP की चुनौती
दूसरे चरण की अधिकांश सीटों को तृणमूल कांग्रेस (TMC) का मजबूत गढ़ माना जाता है। ऐसे में सत्ताधारी पार्टी के सामने अपनी पकड़ बनाए रखने की चुनौती है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) यहां सेंध लगाने की पूरी कोशिश कर रही है। पहले चरण के बाद बीजेपी नेताओं ने दावा किया था कि जनता ने बदलाव के पक्ष में वोट किया है। ऐसे में दूसरे चरण का मतदान चुनाव की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
कई जिलों में होगा मतदान
दूसरे चरण में नदिया, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, कोलकाता, हावड़ा, हुगली और पूर्व बर्धमान जैसे प्रमुख जिलों की सीटों पर मतदान होगा। इन इलाकों में पिछले चुनाव में TMC और BJP के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली थी।
उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला
इन सीटों पर मुख्य मुकाबला TMC और BJP के बीच माना जा रहा है, हालांकि कई स्थानों पर अन्य दल और निर्दलीय उम्मीदवार भी मुकाबले को त्रिकोणीय बना रहे हैं। कई सीटों पर पुराने विधायकों के सामने नए चेहरों को उतारा गया है, जिससे चुनाव और दिलचस्प हो गया है।
क्यों अहम है दूसरा चरण
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, दूसरे चरण का परिणाम काफी हद तक चुनाव की तस्वीर साफ कर सकता है।
अगर TMC इन सीटों पर बेहतर प्रदर्शन करती है, तो उसकी स्थिति मजबूत बनी रहेगी। वहीं BJP को सत्ता की दौड़ में बने रहने के लिए यहां अच्छी बढ़त हासिल करनी होगी।
भारी मतदान की उम्मीद
पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान के बाद दूसरे चरण में भी बड़ी संख्या में वोटिंग होने की संभावना जताई जा रही है। चुनाव आयोग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरा चरण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 142 सीटों पर होने वाला मतदान राज्य की सियासत की दिशा तय कर सकता है। अब सभी की नजरें मतदान और उसके नतीजों पर टिकी हैं।




