नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। नीट परीक्षा 2024 पेपर लीक मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। परीक्षा दोबारा नहीं की जाएगी। सीजेआई ने इस दौरान कहा है कि बिना ठोस सबूत के री-एग्जाम का फैसला नहीं लिया जा सकता।
आप्शन 4 के लिए पूरे नंबर दिए जाएंगे
सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा है कि आप्शन 4 के लिए पूरे नंबर दिए जाएंगे लेकिन दूसरे ऑप्शन के लिए नेगेटिव मार्किंग नहीं की जाएगी। जस्टिस मनोज मिश्रा ने पेपर लीक का फायदा केवल 155 छात्रों को हुआ है।
जल्द से जल्द रिपोर्ट दें जांच एजेंसी- सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच कर रही एजेंसी की रिपोर्ट जल्द से जल्द मांगी है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 3307 कैंडीडेट्स ने 8 परीक्षा केंद्रों पर गलत पेपर अटेंम्पट किए। एनटीए ने रिजल्ट के शहरवार एनेलिसिस सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश कर दिया।एजेंसी की आंसर-की सही है। एक्सपर्ट टीम ने इसकी जांच की है। उन्होंने बताया कि ऑप्शन 4 सही है, 2 गलत है।
चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पारदीवावला, जस्टिस मनोज मिश्रा ने 720 में से 711 अंक पाने वाले छात्रा की ओर से पेश दलील पर संज्ञान देते हुए आईआईटी को आदेश दिया है।
याचिककर्ताओं की ओर से वकील- नरेंद्र हुड्डा, संजय हेगड़े, मैथ्यूज नेदुम्पारा बहस कर रहे हैं जबकि एनटीए की ओर से सोलिस्टर जनरल तुषार मेहता हैं।
आपको बता दें कि संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। इस सत्र के दौरान विपक्ष ने नीट की परीक्षा को लेकर सवाल उठाया गया था । इस पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि, पिछले सात सालों में पेपर लीक होने का कोई सबूत नहीं मिला है। इस मामले पर राजनीति की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट में मामला जाने के लेकर उन्होंने कहा कि वो पूरी जिम्मेदारी के साथ कहा सकते हैं कि एनटीए के बाद 240 से अधिक परीक्षाएं सफलतापूर्वक संपन्न हुई हैं। पूरी परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने गलत है।
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