नई दिल्ली: PMFBY: कृषि प्रधान देश में सबसे ज्यादा जोखिम भरा काम किसान का ही है। बारिश न हो तो फसल बर्बाद, बारिश ज्यादा हो तो फसल बर्बाद। इसके अलावा ओलावृष्टि, रोगों और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से भी किसान की सालभर की मेहनत मिट्टी में मिल जाती है और भरी-भरकम नुकसान उठाना पड़ता है।
किसानों की इस समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने साल 2016 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) की शुरुआत की।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) क्या है?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) कृषि और किसानों को समर्पित एक इंश्योरेंस स्कीम है। इस योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से बर्बाद हुई फसलों को मुआवजा देना है, ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके। खेत में फसल की बुआई के 10 दिनों के अंदर आपको फसल बीमा योजना का फॉर्म भरना जरूरी है।
फसल कटाई से लेकर तैयार करने के 14 दिनों के भीतर अगर आपकी फसल को प्राकृतिक आपदा के कारण नुकसान होता है, तब भी आप PM फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) का लाभ उठा सकते हैं। यह योजना 1 साल के मान्य होती है, जिसमें खाद्य फसलें (अनाज, बाजरा और दालें), तिलहन और बागवानी फसलें कवर हैं।
बुवाई से लेकर कटाई तक हर स्तर पर फसलों के जोखिम को निम्न स्तर पर कवर की जाती हैं…
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बुवाई/रोपण जोखिम: बारिश की कमी या मौसम की मार के कारण बुवाई/रोपण के नुकसान की भरपाई
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खड़ी फसलें (बुवाई से कटाई तक): सूखा, अकाल, बाढ़, कीट और रोग, प्राकृतिक आग और बिजली, तूफान, ओलावृष्टि और अन्य आपदाओं में खड़ी या पकी फसल भी कवर होती हैं।
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फसल कटाई के बाद का नुकसान: कई फसलें ऐसी होती हैं, जिन्हें कटाई के बाद कुछ दिनों के लिए खेतों में सूखने के लिए छोड़ दिया जाता है। इन फसलों को कटाई के बाद चक्रवात, बेमौसम बारिश, ओले आदि से भी कवर मिलता है।
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क्षेत्रीय आपदा: बादल फटने, आग लागने, बाढ़ जैसी आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई
कैसे उठाएं लाभ?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसल को सुरक्षित करने के लिए किसान ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीके से फॉर्म ले सकते हैं। ऑफलाइन के लिए आने नजदीकी बैंक की ब्रांच में जाकर PM फसल बीमा योजना का फॉर्म भर सकते हैं। वहीं, ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए आप PMFBY की वेबसाइट https://pmfby.gov.in/ पर जा सकते हैं।
चाहिए कौन से दस्तावेज?
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किसान की फोटो
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आईडी कार्ड (आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड)
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पते का प्रमाण पत्र, खेत का खसरा नंबर आदि
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सरपंच या पटवारी से खेत में बुआई होने से संबंधित एक पत्र
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अगर किसान किसी दूसरे के खेत कर रहा है तो खेत मालिक के साथ हुए करार की कॉपी की फोटोकॉपी
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फसल को नुकसान होने की स्थिति में आपके बैंक खाते में रकम पाने के लिए एक केंसिल चेक




