नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। गाज़ियाबाद के अजनारा इंटीग्रिटी सोसायटी का एक वीडियो सामने आया है। इसमें सोसायटी में साइकल चला रही एक बच्ची पर एक पालतू जर्मन शेपर्ड हमला करता दिख रहा है। इस तरह की घटनाएं फिर से बढ़ने लगी हैं। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि कुत्ता काटने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए।
जानलेवा है रैबीज़
कुत्ते के काटने से रैबीज़ होने का खतरा होता है। रैबीज़ एक ऐसी बीमारी है जिसका कोई इलाज नहीं है और इसका फैटलिटी रेट यानी इससे होने वाली मौतों का आंकड़ा 100 प्रतिशत है। यानी रैबीज़ एक जानलेवा बीमारी है। इसलिए कुत्ते के काटने के बाद रैबीज़ की वैक्सीन लेना बेहद ज़रूरी है।
क्या है सबसे पहला उपचार
कुत्ते के काटने पर सबसे पहले अपने नजदीकी अस्पताल या डॉक्टर के क्लिनिक पर जाएं। वहां डॉक्टर और उनके सहयोगी काटने से लगी चोट को साफ करेंगे। या फिर पहले आप खुद ही हल्के हाथों से पानी में रुई डुबाकर उससे चोट साफ कर लें और उसके बाद उस पर बीटाडीन लगा दें।
जरूरी है रेबीज की वैक्सीन
रैबीज़ से बचाव के लिए ज़रूरी है कि आप रैबीज़ का वैक्सीन ज़रूर लें। रैबीज़ से बचाव के लिए वैक्सीन की पांच डोज़ दी जाती है। इनमें से पहला डोज़ डे ज़ीरो यानी कुत्ते के काटने के 24 घंटे के अंदर दिया जाता है। वहीं दूसरा डोज़ Day 3 पर, तीसरा डोज़ Day 7, चौथा डोज़ Day 14 और पांचवा डोज़ Day 28 पर लगवाना ज़रूरी होता है। पांचो डोज़ पूरा होने के बाद ही रैबीज़ से पूरी सुरक्षा मिलती है।
इसके साथ ही डॉक्टर्स रिकमेंड करते हैं कि जिस कुत्ते ने काटा हो उसकी हरकतें मॉनिटर करें। अगर उसके बर्ताव में कोई बदलाव नज़र आए तो डॉक्टर को इसकी सूचना दें।
पेट डॉग काटे तब क्या करें?
अक्सर लोग पेट डॉग के काटने पर डॉक्टर के पास जाना अवॉइड करते हैं। उन्हें लगता है कि कुत्ता वैक्सीनेटेड है तो उन्हें वैक्सीन लगवाने की ज़रूरत नहीं है। लेकिन ऐसा नहीं है। कुत्ते को वैक्सीन लगे होने के बाद भी एक रिस्क बना रहता है, इसलिए ज़रूरी है कि आप प्रॉपर वैक्सीनेशन लें।
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