नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारत में जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामलों ने फिर चिंता बढ़ा दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए तीन भारतीय फार्मा कंपनियों के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है। इनमें Coldrif, RespiFresh TR और Relipe Syrup शामिल हैं। WHO ने कहा है कि ये सिरप “स्वास्थ्य के लिए घातक” हैं और इनका सेवन जानलेवा साबित हो सकता है।
मध्य प्रदेश में बच्चों की मौत के बाद WHO की कार्रवाई
मध्य प्रदेश में जहरीली कफ सिरप पीने से 20 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है। इसके बाद WHO ने तुरंत जांच करवाई और पाया कि Coldrif सिरप, जिसे Srisun Pharma (तमिलनाडु) बनाती है, में खतरनाक रसायन की मिलावट है।
WHO ने कहा, यदि ये कफ सिरप कहीं भी दिखाई दें, तो तुरंत इसकी जानकारी स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों को दें। इनका उपयोग या बिक्री बिल्कुल न करें।
तीन कंपनियां आईं जांच के घेरे में
रिपोर्ट के मुताबिक, WHO ने तीन कंपनियों की दवाओं में गंभीर मिलावट की पुष्टि की है।
Srisun Pharma – Coldrif Syrup
Rednex Pharma – RespiFresh TR Syrup
Shaphar Pharma – Relipe Syrup
इनमें Diethylene Glycol (DEG) नामक जहरीला तत्व पाया गया है, जो बच्चों के गुर्दे और नर्वस सिस्टम को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
क्या है यह जहरीला केमिकल DEG?
जांच में पाया गया कि कफ सिरप में Diethylene Glycol (DEG) की अत्यधिक मात्रा मौजूद थी। यह एक मीठा, लेकिन घातक रसायन है, जिसका उपयोग सामान्यत: सिरप को स्वादिष्ट बनाने के लिए किया जाता है। डॉक्टरों के मुताबिक, इसकी थोड़ी-सी मात्रा भी शरीर में पहुंचने पर किडनी फेल, लिवर डैमेज और न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर जैसी गंभीर बीमारियां पैदा कर सकती है। यह रसायन रंग और गंधहीन होता है, इसलिए इसकी पहचान जांच के बिना असंभव है।
श्रीसन फार्मा का लाइसेंस रद्द, मालिक गिरफ्तार
तमिलनाडु की Srisun Pharmaceuticals कंपनी का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है और कंपनी को बंद करने का आदेश जारी हो चुका है।
राज्य औषधि नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण में पाया कि कफ सिरप में 48.6% तक DEG मौजूद था। राज्य सरकार ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि कंपनी के मालिक जी. रंगनाथन को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
यह पहला मामला नहीं है जब भारतीय कफ सिरप पर सवाल उठे हों।
पिछले वर्ष गाम्बिया और उज्बेकिस्तान में भी भारतीय कंपनियों के बने कफ सिरप से 70 से अधिक बच्चों की मौत हुई थी, जिसके बाद WHO ने वैश्विक स्तर पर भारत की दवा निर्माण प्रक्रियाओं की सख्त निगरानी की सिफारिश की थी।
WHO की सख्त चेतावनी
WHO ने कहा है, इन सिरप का उत्पादन, बिक्री या उपयोग तत्काल बंद किया जाए। स्वास्थ्य एजेंसियां बाजार से इनकी खेप वापस मंगवाने की प्रक्रिया शुरू करें। संगठन ने सभी देशों से अपील की है कि अगर ये सिरप किसी भी दुकान या अस्पताल में उपलब्ध हों, तो उन्हें क्वारंटीन या नष्ट किया जाए।
सरकार ने भी की जांच तेज
भारत सरकार ने WHO की चेतावनी के बाद फार्मा कंपनियों से रिपोर्ट मांगी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि दोषी पाए जाने वाली कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) को इस मामले की निगरानी के आदेश दिए गए हैं।
मुख्य बातें एक नजर में
मुद्दा- विवरण
मौतें- मध्य प्रदेश में 20 से अधिक बच्चों की मौत
आरोपी कंपनियां- श्रीसन फार्मा, रेडनेक्स फार्मा, शेप फार्मा
संदिग्ध सिरप- Coldrif, RespiFresh TR, Relipe
जहरीला तत्व- Diethylene Glycol (DEG)
WHO की कार्रवाई- तीनों कंपनियों को लेकर वैश्विक चेतावनी
सरकार की कार्रवाई- लाइसेंस रद्द, मालिक गिरफ्तार
WHO की चेतावनी ने भारत की दवा उद्योग की गुणवत्ता पर फिर सवाल खड़ा कर दिया है।
एक ओर जहां भारतीय फार्मा सेक्टर दुनिया में तीसरे स्थान पर है, वहीं इस तरह की घटनाएं न केवल जनस्वास्थ्य के लिए खतरा हैं, बल्कि देश की साख पर भी असर डालती हैं।





