माइग्रेन भी एक तरह का सिर दर्द है जो कि सिर के किसी एक हिस्से में बहुत तेजी से होता है। व्यक्ति को सिर दर्द होने पर कई बार उल्टी करने जैसा भी महसूस होता है। इस तरह के सिर दर्द में आंखे लाल हो जाती हैं कई बार सूज भी जाती हैं। लेकिन चिंता की बात नहीं है क्योंकि माइग्रेन के लिए बहुत से घरेलू नुस्खे मौजूद हैं जो कि माइग्रेन से दर्द से राहत देने में कारगर हैं। आइए जानते हैं एसे ही घरेलू उत्पादों और उनके प्रभावों के बारे में-
1- लैवेंडर ऑयल – Lavender Oil
लैवेंडर ऑयल सामान्य सिर दर्द और माइग्रेन दर्द के लिए एक उपयोगी घरेलू उपाय है। लैवेंडर तेल की खुशबू माइग्रेन में बेहद प्रभावी होती है। गर्म पानी में कुछ बूंदे लैवेंडर ऑयल की डालकर उसे सूंघने से बेहद आराम मिलता है। लैवेंडर ऑयल का प्रयोग कभी भी मौखिक रूप से नहीं करना चाहिए।
2- पेपरमिंट तेल – Peppermint Oil
पुदीना सिर के तनाव को कम करने में माहिर औषधि है। इसके तेल की तेज महक शरीर में रक्त प्रवाह को नियंत्रित करती है। माइग्रेन या सामान्य सिर दर्द भी अक्सर रक्त प्रवााह के कम होने से होता है ऐसे में पेपरमिंट ऑयल रक्त प्रवाह को कम करके सिर दर्द को ठीक करता है। इस तेल की हल्की मात्रा डायरेक्ट माथे पर लगा सकते हैं। ज्यादा न लगाएं अन्यथा जलन भी महसूस हो सकती है।
3- तुलसी का तेल – Basil or Tulsi
तुलसी के प्राकृतिक गुणों को सभी जानते हैं लकिन आपको बता दें कि तुलसी माइग्रेन में भी बेहद प्रभावी है। तुलसी का तेल का इस्तेमाल माइग्रेन के दर्द में काफी आराम देता है। तुलसी का तेल मांसपेशियों को आराम देता है जिससे सिर का तनाव कम होता है और दर्द से राहत मिलती है।
4- फिक्स आहार – Dedicated Diet
सिर दर्द को कम करने और माइग्रेन के दर्द से राहत के लिए अपने आहार में कुछ करने होंगे। माइग्रेन के दर्द से प्रभावित लोगों को साधारण मक्खन की जगह पीनट बटर यानि मूंगफली से बना मक्खन इस्तेमाल करना चाहिए। एवोकैडो, केला और खट्टे फल आदि का इस्तेमाल करना चाहिए।
5- सिर की मालिश – Oil Massage
सिर के दर्द को कम करने के लिए मालिश भी एक बहुत प्रभावी तरीका है। एक्सपर्ट्स की मानें तो सिर के पीछे के हिस्से की मालिश करने से माइग्रेन से बहुत राहत मिलती है। इसके साथ ही हाथ पैरों की मालिश भी की जानी चाहिए। मालिश करने से भी रक्त संचार तेज होता है।
6- अदरक – Ginger
अदरक सिरदर्द दौरान जी मिचलाने और उल्टी की अनुभूति होने वाले लक्षणों से राहत देता है।इसके साथ ही अदरक से सूजन और दर्द भी कम होते हैं। अदरक में मौजूद एंटी फ्लेमेबल गुण पेरशानी पैदा करने वाले लक्षणों को रोकते हैं। अदरक के छोटे से टुकड़े को धोकर, छीलकर उसे पानी में उबालकर, ठंडज्ञ कर लें। इस पानी में शहद और नींबू की कुछ बूंदें मिलाकर पीने से बेहद लाभ मिलता है।
7- कॉफ़ी – Coffee
कई लोगों को तेज माइग्रेन के दर्द में कॉफी पीने से भी तुरंत राहत हो जाती है। कॉफी में मौजूद कैफीन माइग्रेन टिृगर की तरह काम करता है और एडेनोसाइन के प्रभाव को कम कर देता है। हालांकि बहुत ज्यादा कैफीनयुक्त पदार्थ भी सेहत के लिए नुकसानदायक होते हैं लेकिन एक कप कॉफी आपके स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाती है।
8- धनिया – Coriander or Dhania
धनिया खाने को पचाने और स्वादिष्ट बनाने के लिए बेहरीन मसाले के रूप में जाना जाता है, लेकिन प्राचीन काल से धनिये का प्रयोग माइग्रेन और सिर दर्द की दवा के रूप में भी किया जाता है। माइग्रेन में धनिया के बीजों से तैयार की गई चाय बेह लाभकारी होती है। धनिया के कुछ बीजों को गर्म पानी में 10 मिनट उबालें, उसके बाद इसमें स्वादानुसार चीनी मिलाकर पिएं। धनिया वाली चाय माइग्रेन के दर्द के साथ-साथ सामान्य सिर दर्द में भी लाभकारी है।




