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Saturday, March 14, 2026
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चमकी बुखार के घरेलू उपाय – Home Remedies for Chamki Fever (Acute Encephalitis Syndrome) in Hindi

पिछले कुछ दिनों में बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में चमकी नामक बुखार की चपेट में आने से कई बच्चों की मौत हो चुकी है। चमकी बुखार एक संक्रामक और जानलेवा बीमारी है। यह बीमारी वायरस, बैक्टीरिया और फंगस की वजह से फैलती है। चमकी बुखार को दिमागी बुखार ,जापानी बुखार, इंसेफेलाइटिस सिड्रोंम जैसे अलग-अलग नामों से भी जाना जाता है। चमकी बुखार को एक खतरनाक बीमारी माना जाता है क्‍योंकि इलाज में थोड़ी सी लापरवाही से मरीज की जान भी जा सकती है। आखिर क्यों इतना खतरनाक है यह बुखार? क्या है इसके लक्षण? और कैसे इसकी चपेट में आने से बचा जा सकता है? आइए आपको इससे बचने के उपाय के बारे में बताते हैं-

डॉक्टरों के अनुसार चमकी बुखार से ग्रस्त बच्चों में पानी और हाइपोग्लाइसीमिया यानी शुगर की कमी देखी जा रही है। इस बुखार से ग्रस्त होने पर बच्चों में कई तरह के लक्षण दिखते हैं। सबसे पहले वह लगातार तेज बुखार का शिकार होते हैं। इसके बाद उनके बदन में लगातार ऐंठन शुरू होती है। इसमें अक्सर बच्चे दांत पर दांत दबाए रहते हैं। बच्चों में सुस्ती नजर आती है। कमजोरी की वजह से कई बार बच्चे बेहोश भी हो जाते हैं। कई बार उनके शरीर में किसी तरह की गतिविधि या हरकत भी नहीं होती।

चमकी बुखार से बचने के उपाय – Chamki Bukhar Ke Upay

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  • बच्चों को जूठे व सड़े हुए फल न खाने दें। खासतौर पर उन्हें लीची से दूर रखें। आपको बता दें कि लीची खाली पेट खाने से यह बुखार हो सकता है।
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  • बच्चों को उन जगहों पर न जाने दें, जहां गंदे जानवर या सूअर रहते हैं। बच्चों को इन जानवरों से दूर रखने की कोशिश करें।
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  • खाने से पहले और बाद में साबुन से हाथ जरूर धुलवाएं. बच्चों को जितना हो सके साफ-सुथरा रखें।
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  • बच्चों के पीने का पानी स्वच्छ रखें। उन्हें साफ बर्तन में साफ पानी पीने के लिए दें। जरूरत पड़ने पर उन्हें उबालकर पानी दें।
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  • बच्चों के नाखून न बढ़ने दें। नियमित रूप से उनके नाखून काट दें। सिर्फ इतना ही नहीं उन्हें नियमित रूप से अच्छे से नहलाएं भी।
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  • पैरेंट्स ध्यान दें कि उनके बच्चे गंदगीभरे इलाकों में न जाएं। बच्चों को किचड़ और धूल-मिट्टी से बचाकर रखें। उन्हें साफ सुथरे कपड़े पहनाएं।
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  • बच्चों को सिर्फ हेल्दी खाना ही खिलाएं। उनके खाने में हरी सब्जियां ज्यादा मात्रा में रखें। बाहर का खाना बंद करें और घर पर बनाकर हेल्दी फूड खिलाएं।
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  • रात के खाने के बाद बच्चों को हल्का- फुल्का मीठा जरूर खिलाएं. मीठा खाने से शरीर में शुगर की कमी नहीं होगी।
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  • बच्चों को थोड़ी-थोड़ी देर में तरल पदार्थ देते रहें ताकि उनके शरीर में पानी की कमी न हो। उन्हें घर पर बना जूस भी पिलाएं।
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  • नाक और कान में नारियल के तेल में थोड़ा सा कपूर मिलाकर 2-2 बूंदे डालें। इससे बच्चों को आराम मिलेगा।
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  • इसके अलावा सिर पर चंदनबाला लाक्षादि तेल की मालिश करने से भी बच्चों को आराम मिलेगा।
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