नई दिल्ली रफ्तार डेस्क: बच्चे जब भी बाहर निकलते हैं। तो जंग फूड खाने की जिद करने लगते हैं। पिज्जा बर्गर और कैंडी का टेस्ट उन्हें खूब अच्छा लगता है। इसकी वजह से हेल्दी और न्यूट्रिशन रिच चीजों को खाना बच्चे बंद करने लगते हैं। यही आदत उन्हें खतरनाक बनती है। आपको बता दें कि सभी प्रकार के जंक फूड ऐसे फूड्स होते है। जिसमें ऐसे गुण होते है जो बच्चों के कमजोर पाचन क्रिया पर बड़ा प्रभाव डालते है। इतना ही नहीं कमजोर सेल्स को और कमजोर बनाने लगती है। जंक फूड बच्चों के लिए किसी जहर से कम नहीं है। इसलिए उन्हें ऐसे खानपान की आदतें डालनी चाहिए जिससे वह इनकी तरफ देखना भी गंवारा ना करें। अगर आप भी अपने बच्चों की जंक फूड की आदत से परेशान है तो आ इन तरीकों को आजमाकर सुधार ला सकते हैं।
बच्चों को जंक फूड के नुकसान समझाएं
बच्चों की आदत को छुड़ाने के लिए मारपीट से बात बनने वाली नहीं है। अगर आपका बच्चा जंक फूड की बार बार जिद कर रहा है। तो उसे जंक फूड के क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं। यह आप उसे बताएं। अगर पिज्जा मांग रहा है तो उसे पिज्जा से जुड़ी कोई घर की बनी चीज खिलाएं। फिर भी नहीं मान रहा तो उसे डराने की कोशिश करें। जैसे ऐसी चीज खाएंगे तो मोटे हो जाओगे। आपके दांत खराब हो जाएंगे , पेट गड़बड़ हो जाएगा, कीड़े निकलने लगेंगे आदि इस तरह की चीजों का इस्तेमाल करें। जिससे वह अपकी बात को समझेंगे फिर दोबारा जंक फूड की तरफ देखेंगे तक नहीं।
खाने की तैयारी बच्चों से करवाएं
अगर आप किचन में कुछ पकाने जा रही हैं तो बच्चे को भी साथ रखें। जो भी चीज बनाने जा रही हैं उसकी तैयारी बच्चों से करवाएं। उसे पकवान के बेनिफिट बताएं और जंक फूड की बुराई करें। अगर आप सुबह नाश्ते में सैंडविच बनाने का प्लान बना रहे हैं। तो बच्चों को ब्रेड पर मक्खन लगाना, सब्जी काटना आदि सिखाए। इससे बच्चों में खुशी होगी l
खाने का विकल्प बदलें
जंक फूड से छुटकारा दिलाने के लिए सबसे जरूरी है कि आप बच्चों के खाने को विकल्प ही बदल दें। यदि आपका बच्चा कोल्ड ड्रिंक पीने की जिद कर रहा है तो उसे शिकंजी बनाकर दे दें। जिसका स्वाद कमोबेश शिकंजी जैसा ही होता है यदि आपको बच्चा आइसक्रीम खाने की जिद कर तो तुरंत मीठी लस्सी बना कर दे दें। या घर का कस्टर्ड खाने को दे दें। इसी तरह किसी ना किसी बहाने से बच्चे को शेक और स्मूथ आइटम देते रहें। इन चीजों को खाने से न सिर्फ उसकी सेहत अच्छी रहेगी बल्कि उसका पेट भर रहेगा और वह बार-बार कुछ मांगने की डिमांड नहीं करेगा।
खाना पकाने में बच्चों की मदद लें
यदि आपका बच्चा थोड़ा पढ़ लिख सकता है तो उसे नाश्ते का मेनू तैयार करने को कहें l साथ ही बच्चों को इंटरनेट से पौष्टिक पकवान बनाने की विधि के बारे में जानकारी दें । उसे बनाने के लिए भी प्रेरित करें। बच्चा अगर ना भी बना पाए तो उसे मनोरंजन के लिए ऐसा करने को कहें। इस कार्य को पूरे दिन और अगर हो सके तो पूरे हफ्ते फॉलो करने को कहें। उसे ऐसा करने से प्रेरणा मिलेगी। और बच्चे का मन लगातार लगा रहेगा। तो जंक फ़ूड की बात दिमाग में नहीं आयेगी।
डाइट चार्ट बनाएं
इन सब के साथ बच्चों का डाइट चार्ट बनाएं। इस बात की नजर रखें । बच्चा दिन भर क्या खाता है, क्या पिता है। इससे उसको समझाना आसान हो जाएगा। बच्चा कितनी कैलोरी , फैट्स या शक्कर का सेवन करता है। बच्चे के सामने पौष्टिक भोजन का एक चार्ट बनाकर रख दें। फिर उसे इसमें से एक चीज चुनने को बोलें। जो भी चुने उसे बनाकर खिला दें। इससे बच्चों में जंक फूड की आदत धीरे धीरे छूट जायेगी।
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