नई दिल्ली, रफ्तार। देश में 83 फीसदी लोग चाय के शौकीन हैं। गर्मी हो या बरसात या कड़ाके की ठंड चाय की चुस्की लेना लोग नहीं भूलते, लेकिन फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ( FSSAI) ने अब जो अलर्ट जारी किया है वह चिंताजनक है। दरअसल, गोभी मंचूरियन, कबाब, कॉटन कैंडी, गोलगप्पे के बाद चाय भी FSSAI की जांच के दायरे में आई है। फूड सेफ्टी ऑफिसर्स ने चाय की पत्तियों और चूर्ण में प्रोसेसिंग के दौरान बड़ी मात्रा में रंगों और कीटनाशकों का इस्तेमाल पाया है।
कैंसर फैलाने वाले फूड कलर्स का हो रहा इस्तेमाल
रिपोर्ट्स के अनुसार FSSAI को जांच में पता चला है कि खाने-पीने की चीजें बेचने-बनाने वाले लोग चाय में काफी मात्रा में रोडामाइन बी और कार्मोइसिन जैसे कैंसर फैलाने वाले फूड कलर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। चाय में बहुत ज्यादा मात्रा में कीटनाशकों और फर्टिलाइजर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसे लेकर कर्नाटक स्वास्थ्य मंत्रालय जल्द चाय बागानों पर कार्रवाई करने वाली है।
कर्नाटक में पकड़ा गया मामला
कर्नाटक के स्वास्थ्य विभाग ने उत्तर कर्नाटक के कई जिलों से 48 सैंपल जुटाए हैं। इनमें चाय की खपत काफी मात्रा में होती है। गादग, धारवड़, कोप्पल, बल्लारी, हुबली, बागलकोट, बीदर जैसे जिलों में विभाग ने पाया कि यहां चाय में ज्यादा मात्रा में कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रोसेसिंग के दौरान इस्तेमाल किए जा रहे कीटनाशक
FSSAI ने पाया कि चाय प्रोसेसिंग के दौरान उसमें जरूरत से काफी अधिक मात्रा में कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये बाद में कैंसर का खतरा बन सकते हैं। वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार लैब में 40 से ज्यादा कंपाउंड या केमिकल का विश्लेषण किया जाएगा।
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