नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। इन दिनों आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर विमर्श चल पड़ा है। एक वर्ग का मानना है कि कुत्ते को खाना खिलाना, उन्हे शेल्टर उपलब्ध कराना मानवीयता का काम है, तो वहीं दूसरा वर्ग इसके विरोध में दलील देता है कि आवारा कुत्ते उनकी सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आवारा कुत्तें को खाना खिलाना (Stray Dog Feeding Rights) वैध है या अवैध? आवारा कुत्तो (स्ट्रे डॉग्स) को खाना खिलाना भारत में पूरी तरह अवैध नहीं है, बल्कि कुछ शर्तों और नियमों के तहत यह आपका अधिकार भी है। इस विषय पर कई गाइडलाइंस और कोर्ट के फैसले मौजूद हैं, जिनके बारे में जानना जरूरी है।
कितनी गंभीर है आवारा कुत्तो की समस्या
हाल में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां आवारा कुत्तों का आंतक देखने को मिला। इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा जहां कोर्ट ने आवारा कुत्तों को जरूरी वैक्सीनेशन करने के लिए आवार कुत्तो को सार्वजनिक स्थाने से उठाने का आदेश दिया। इसके बाद पशु प्रेमियों का विरोध देखने को मिला। हालांक इस बात को भी नहीं नकारा जा सकता कि सार्वजनिक स्थानों जैसे पार्क इत्यादि में आवारा कुत्ते आम जनमानस को काट लेते हैं जिसके कारण रेबीज जैसी समस्याओं में बढ़ोतर देखी गई है।
क्या हैं Stray Dog Feeding Rights?
Animal Welfare Board of India (AWBI) के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को स्ट्रे डॉग्स को खाना खिलाने से रोका नहीं जा सकता, जब तक वह यह काम शांति और साफ-सफाई के साथ कर रहा हो। खाना खिलाने के दौरान कुत्ते की हिंसक प्रवृति का जिम्मेदार वह व्यक्ति होगा जो खाना खिला रहा है। Supreme Court of India ने भी माना है कि जानवरों को भोजन देना करुणा और मानवता का हिस्सा है। हालांकि कोर्ट ने उनके वैक्सीनेशन पर भी उतना ही जोर दिया है। SC और RWA (Resident Welfare Association) को भी AWBI की गाइडलाइंस माननी होती हैं लिहाजा कोई भी RWA डॉग फीडिंग पर प्रतिबंध नहीं लगा सकती।
कब हो सकती है कार्यवाई?
अगर आप कुत्तों को खाना खिला रहे हैं जिसके कारण सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ती है तो आप पर कार्यवाई की जा सकती है। गंदगी फैलाने और विवाद पैदा करने की स्थिति में भी आप कानूनी शिकंजे में कसे जा सकते हैं।
इसके अलावा जो लोग कुत्तों समेत किसी भी जानवर के साथ क्रूरता करते हैं तो Prevention of Cruelty to Animals Act 1960 के तहत आप पर कानूनी डंडा चल सकता है। Indian Penal Code Section 428 and 429 (अब BNS) के तहत जानवरों को नुकसान पहुंचाने पर सजा हो सकती है।




