back to top
35.1 C
New Delhi
Sunday, March 8, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Holika Dahan पर ग्रहण का साया? नोट कर लें होली मनाने की सही तारीख

2 मार्च की मध्यरात्रि में भद्रा पुच्छ में होलिका दहन होगा, 3 मार्च को चंद्र ग्रहण के कारण रंग नहीं खेलेंगे और 4 मार्च को धूमधाम से धुलेंडी मनाई जाएगी।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। इस बार होली के पर्व को लेकर लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वजह है फाल्गुन पूर्णिमा के दिन लगने वाला चंद्र ग्रहण, जिसने तिथि और मुहूर्त की गणना को थोड़ा जटिल बना दिया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार होलिका दहन और रंगों की होली अलग-अलग दिन पड़ रही है। वाराणसी के प्रसिद्ध हृषिकेश पंचांग के मुताबिक ग्रहण और भद्रा काल के कारण विशेष सावधानी बरतनी होगी। जाने-माने ज्योतिषाचार्य नरेंद्र उपाध्याय ने स्पष्ट किया है कि शास्त्रीय नियमों के अनुसार ही पर्व मनाना शुभ रहेगा।

2 मार्च: भद्रा पुच्छ में होगा होलिका दहन

पंचांग के अनुसार 2 मार्च 2026 (सोमवार) को शाम 5:18 बजे तक चतुर्दशी तिथि रहेगी, इसके बाद पूर्णिमा आरंभ होगी। परंतु पूर्णिमा के साथ ही भद्रा का प्रवेश भी हो रहा है, जो 2 मार्च की शाम 5:18 बजे से शुरू होकर 3 मार्च की भोर 4:56 बजे तक रहेगी। शास्त्रों में भद्रा काल में होलिका दहन वर्जित माना गया है। ऐसी स्थिति में भद्रा के ‘पुच्छ’ भाग में दहन करने का विधान है। इस वर्ष होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रात 12:50 बजे से 02:02 बजे तक रहेगा। कुल 1 घंटा 12 मिनट की यह अवधि शास्त्रीय दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ मानी जा रही है।

3 मार्च: चंद्र ग्रहण और सूतक का प्रभाव

3 मार्च (मंगलवार) को पूर्णिमा के दिन ही वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण लगेगा। भारतीय समयानुसार ग्रहण दोपहर 03:20 बजे से शाम 06:47 बजे तक रहेगा। चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले आरंभ हो जाता है, यानी 3 मार्च की सुबह 06:20 बजे से सूतक प्रभावी होगा। सूतक लगते ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे और पूजा-पाठ, मूर्ति स्पर्श तथा भोजन बनाना वर्जित माना जाएगा। ऐसे में 3 मार्च को रंग खेलना शास्त्रीय मर्यादा के अनुरूप नहीं होगा।

4 मार्च: धुलेंडी का असली उत्सव

ग्रहण समाप्ति के बाद 3 मार्च की शाम को शुद्धिकरण और स्नान किया जाएगा। इसके अगले दिन 4 मार्च 2026 (बुधवार) को सूर्योदय के समय चैत्र कृष्ण प्रतिपदा तिथि रहेगी। इसी दिन पूरे देश में धूमधाम से रंगों की होली, यानी धुलेंडी मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यता है कि ग्रहण और सूतक से मुक्त होने के बाद उत्सव मनाना अधिक शुभ फलदायी होता है।

ग्रहण के दौरान सावधानियां

सूतक से पहले भोजन और दूध-दही में तुलसी पत्ते डाल देना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय बाहर न निकलने और नुकीली वस्तुओं के प्रयोग से बचने की सलाह दी जाती है। ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान, दान और मंत्र जाप विशेष फलदायी माना गया है।

Advertisementspot_img

Also Read:

spot_img

Latest Stories

Travel Tips: ना जैकेट की टेंशन, ना पसीने की परेशानी-मार्च में इन 5 डेस्टिनेशन्स पर बनाएं प्लान

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मार्च यानी मौसम का वो परफेक्ट...

Vastu Tips: आज रंग पंचमी के दिन करें ये खास उपाय, चमक उठेगा भाग्य

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। रंग पंचमी को लेकर ऐसा...