नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । सुहागिन महिलाओं के लिए महत्व रखनेवाला वट सावित्री व्रत जिसे 26 मई2025 को मनाया जाएगा, यह व्रत न केवल परंपरा है, बल्कि यह एक धार्मिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक यात्रा भी है। इस दिन व्रत रखने से पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास को और गहरा करता है, वही साथ ही घर में सुख शांति भी बनी रहती है। आइए जानते है वो खास उपाय के बारे में जिसे करने से न केवल वैवाहिक जीवन मधुर होता बल्कि घर में सुख-शांति भी बनी रहती है।
पति-पत्नी साथ मिलकर कुछ खास उपाय करें
वट सावित्री व्रत के दिन सुहागिन महिलाएं के व्रत रखने और विशेष पूजा करने से पति की दीर्घायु, वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और घर में सुख-शांति बनी रहती है। यह व्रत माता सावित्री की दृढ़ निष्ठा, प्रेम और तप की याद दिलाता है, जिन्होंने यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस लाए थे। साथ ही पुत्र पुत्री का वरदान भी पाया था। इस दिन यदि पति-पत्नी साथ मिलकर कुछ खास उपाय करें तो उनके संबंध और भी गहरें व प्रभावशाली बनते है। आइए जानते है वो खास उपाय।
बरगद की पूजा
वट सावित्री व्रत के दिन बरगद की पूजा यानी वट वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि इस वृक्ष में त्रिदेव – ब्रह्मा, विष्णु और महेश के वास होने से इस दिन इनकी पूजा करने से सभी देवी देवताओं सहित यमराज का भी आर्शिवाद प्राप्त होता है। क्योंकि, इस दिन ही सावित्री ने इसी वृक्ष के नीचे कठोर तप कर यमराज को प्रसन्न कर अपने पति के प्राण बचाएं थे। इसलिए यह वृक्ष न सिर्फ आध्यात्मिक दृष्टि से बल्कि वैवाहिक जीवन में मजबूती देने भी पूजनीय है।
पति-पत्नी मिलकर करें यह उपाय
इस दिन वट वृक्ष के नीचे एक साथ बैठकर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए, इस पूजा में चावल, फल, फूल, रोली, मौली, को चढ़ाकर मिठाई अर्पित करें। इसके बाद घी का दीपक जलाएं। फिर पति-पत्नी मिलकर वट वृक्ष की 11 बार परिक्रमा करें इससे वैवाहिक जीवन को मजबूती मिलती है व रिश्ते में मिठास आता है।
इससे होगी आर्थिक बरकत
आर्थिक बरकत के लिए इस दिन वट वृक्ष के नीचे पीले या सफेद रंग की 11 कौड़ियां जड़ में चढ़ाएं। पूजा के बाद इन कौड़ियों को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रखें। इससे घर में धन की बरकत बनी रहती है ।
अपनाएं व्रत का सही विधान
सुबह सूर्योदय से पहले अपनाएं व्रत का सही विधान, सूर्योदय से पहले स्नान कर साफ लाल या पीले वस्त्र धारण करें। फिर पूरे दिन व्रत का संकल्प लें व रखें । पति की लंबी उम्र और घर की खुशहाली के लिए शाम को पूजा और परिक्रमा के बाद फलाहार या व्रत का भोजन करें। और यह व्रत का फल तभी प्राप्त होता है जब उसे श्रद्धा, निष्ठा नियमों से किया जाएं। भावना भी शुद्ध होनी चाहिए।





