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Monday, March 2, 2026
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जून महीने में बन रहा पांच ग्रहों का गोचर, होगें ये 15 महत्वपूर्ण त्योहार जानें क्या-क्या है खास?

धार्मिक दृष्टि से जून का महीना काफी खास होता है, क्योंकि इस दौरान जल से जुड़े व्रत-त्योहारों का विशेष महत्व होता है। इस महीने गंगा दशहरा से लेकर जगन्नाथ रथ यात्रा तक कई व्रत और त्योहार आएंगे।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । धार्मिक दृष्टि से जून का महीना काफी खास होनेवाला है, क्योंकि इस महीने जल से जुड़े व्रत-त्योहारों का विशेष दिन आनेवाला है जिसका धार्मिक ग्रंथों में खास महत्व माना जाता है, इस महीने .से लेकर जगन्नाथ रथ यात्रा तक कई व्रत और त्योहार आएंगे। इसके साथ ही जून में संकष्टी चतुर्थी, ज्येष्ठ पूर्णिमा और आषाढ़ अमावस्या कब मनाई जाएगी। आइए जानते है इस महीने के खास व्रत त्योहार। 

जून में कई व्रत और त्योहार आने वाले है, जिसमें गंगा दशहरा से लेकर जगन्नाथ रथ यात्रा तक कई व्रत और त्योहार आएंगे इसी महीने निर्जला और योगिनी एकादशी मनाई जाऐगी। साथ ही संकष्टी चतुर्थी, ज्येष्ठ पूर्णिमा और आषाढ़ अमावस्या भी इसी महीने मनाई जाऐगी। जाने सबकी तिथि व महत्व। 

बता दे, इस बार जून महीने में ज्येष्ठ और आषाढ़ मास का संयोग बन रहा है, जिसके चलते इस महीने के पर्व और भी खास हो जाऐगें। इस दौरान गंगा दशहरा, निर्जला एकादशी, वट पूर्णिमा, गुप्त नवरात्रि और जगन्नाथ रथ यात्रा जैसे कई प्रमुख व्रत और त्योहार मनाए जाएंगे। इसके साथ ही साल 2025 का जून महीना रविवार के दिन से शुरू हो रहा है जो 1 जून को ज्येष्ठ शुक्ल षष्ठी तिथि पड़ रही है। यह महीना आश्लेषा नक्षत्र में शुरू होगा और इस महीने कई त्योहार और ग्रह गोचर होने वाले हैं। 

गंगा दशहरा

5 जून को गंगा दशहराज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर मनाया जाऐगा। इस दिन गंगा स्नान करने, दान पुण्य करने का बड़ा महत्व इस दिन गंगा स्नान करने से सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है। 

निर्जला एकादशी

6 जून को निर्जला एकादशी का व्रत रखने से सभी एकादशी के बराबर फल मिलता है, निर्जला एकादशी का पारण 7 जून को होगा। 

रवि प्रदोष व्रत

8 जून को प्रदोष व्रत रखा जाएगा, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि रविवार होने की वजह से इसे रवि प्रदोष व्रत के तौर पर मनाया जाएगा। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना होती है। इसके साथ ही रवि प्रदोष व्रत पितृ शांति के लिए भी अहम माना जाता है।

वट सावित्री पूर्णिमा व्रत

10 जून कोवट सावित्री पूर्णिमा व्रत पति की लंबी आयु के लिए रखा जाता है। यह व्रत मुख्यतः दक्षिण भारत के राज्यों, महाराष्ट्र और गुजरात में रखा जाता है। जबकि उत्तर भारत के अधिकतर राज्यों में वट सावित्री ज्येष्ठ अमावस्या के दिन रखा जाता है। 

जून माह के मुख्‍य व्रत त्योहार

4 जून 2025 को महेश नवमी

5 जून 2025 को गंगा दशहरा

6 जून 2025 को निर्जला एकादशी 

8 जून 2025 को प्रदोष व्रत

10 जून 2025 को वट सावित्री पूर्णिमा व्रत

11 जून 2025 को कबीरदास जयंती, ज्येष्ठ पूर्णिमा

12 जून 2025 को आषाढ़ माास शुरू

14 जून 2025 को कृष्ण पिंगल संकष्टी चतुर्थी

15 जून 2025 को मिथुन संक्रांति

21 जून 2025 को योगिनी एकादशी

23 जून 2025 को प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि

25 जून 2025 को आषाढ़ अमावस्या

26 जून 2025 को आषाढ़ गुप्त नवरात्रि

27 जून 2025 को जगन्नाथ रथ यात्रा

28 जून 2025 को विनायक चतुर्थी

सूर्य नक्षत्र परिवर्तन- 8 जून को मृगशिरा और 22 जून को आर्द्रा नक्षत्र में गोचर

बुध नक्षत्र परिवर्तन- 9 जून को आर्द्रा, 16 जून को पुनर्वसु और 25 जून को पुष्य नक्षत्र में गोचर

शुक्र नक्षत्र परिवर्तन- 13 जून को भरणी और 26 जून को कृतिका नक्षत्र में गोचर

मंगल नक्षत्र परिवर्तन- 7 जून को मघा और 30 जून पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में गोचर

गुरु नक्षत्र परिवर्तन- 14 जून को आर्द्रा और 30 जून को पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में गोचर

ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत

11 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत सुबह 11.35 बजे से दोपहर 1.13 बजे तक रहेगी ज्येष्ठ पूर्णिमा का व्रत संतान के लिए अच्छा माना जाता है इस दिन ही संत कबीर जयंती भी है। जिसे संत कबीर के जन्मदिवस के तौर पर मनाया जाता है। 

योगिनी एकादशी

21 जून को योगिनी एकादशी का व्रत व्रत रखने वालों के सभी पाप दूर हो जाते हैं इस व्रत से 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर लाभ मिलता है। इसके साथ ही इसे तीनों लोकों में मनाया जाता है। 

मासिक शिवरात्रि/सोम प्रदोष व्रत

23 जून को मासिक शिवरात्रि और सोम प्रदोष व्रत मनाई जाएगी, उस दिन के प्रदोष व्रत को सोम प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है। पूजा मुहूर्त शाम 7.22 से 9.23 बजे तक है। 

आषाढ़ अमावस्या

25 जून को आषाढ़ अमावस्या पितरों के पूजन के लिए अहम मानी जाती है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने, दान और पुण्य कर्म करने का खास महत्व। 

गुप्त नवरात्र

26 जून को गुप्त नवरात्र सुबह 5.25 बजे से 6.58 बजे के बीच घट स्थापना की जाएगी, इस दिन अलग-अलग तरह के अनुष्ठान किए जाते हैं। गुप्त नवरात्र में शारदीय नवरात्र की तरह पूजन और अनुष्ठान किए जाते हैं। 

श्रीजगन्नाथ रथयात्रा

27 जून को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा इसे ओडिशा राज्य में धूमधाम से मनाया जाता है, भगवान जगन्नाथ के साथ-साथ उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भी इस दौरान पूजा की जाती है। 

जून माह के ग्रह गोचर

06 जून बुध का मिथुन राशि में गोचर

07 जूनमंगल का सिंह राशि में गोचर

09 जून को बृहस्पति मिथुन राशि में अस्त

11 जून को बुध का मिथुन राशि में उदय

15 जून को सूर्य का मिथुन राशि में गोचर

22 जून को बुध का कर्क राशि में गोचर 

29 जून को शुक्र का वृषभ राशि में गोचर

जून में ग्रहों का नक्षत्र परिवर्तन

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