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Kajari Teej Puja Vidhi 2025: आज कजरी तीज के दिन इस प्रकार करें पूजा अर्चना, प्रसन्न होंगे भोलेनाथ

कजरी तीज के दिन मां माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कड़ी तप की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें स्वीकार किया और उन्हें आशीर्वाद दिया।

नई दिल्‍ली, रफ्तार डेस्‍क । हरियाली तीज के बाद कजरी तीज मनाया जाता है। कजरी तीज विवाहित महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण ओर पवित्र मना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती है। धार्मिक शास्‍त्रों के मुताबिक, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करने से दांपत्य जीवन में सौभाग्य, प्रेम और अटूट बंधन बना रहता है। आज कजरी तीज का पर्व मनाया जा रहा है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि आज के दिन किस प्रकार आप पूजा अर्चना करके शिव पार्वती को प्रसन्न कर सकते हैं।

धार्मिक मान्‍यताओं के अनुसार, इस दिन मां माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कड़ी तप की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें स्वीकार किया और उन्हें आशीर्वाद दिया। इसी वजह से यह व्रत अत्यंत महत्‍वपूर्ण और मंगलकारी माना जाता है।

ऐसे में अगर इस दिन पूजन -विधि और सामग्री की बात करें, तो इस दिन विशेष रूप से शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भस्म और फल अर्पित किए जाते हैं। माता पार्वती को सिंदूर, सुहाग की सामग्री, वस्त्र, फूल आदि अर्पित किया जाता है। पूजा के बाद उपवास, कथा सुनना और आरती करना जरुरी होता है।

कजरी तीज पूजा सामग्री 

इस दिन कजरी तीज पर पूजा सामग्री में जनेऊ, जटा नारियल, सुपारी, कलश, अक्षत या चावल, दूर्वा घास, घी, कपूर, अबीर-गुलाल, चंदन, गाय का दूध, गंगाजल, दही, मिश्री, शहद, पंचामृत, भांग, धतूरा, पीला वस्त्र, कच्चा सूत, नए वस्त्र आदि को शामिल कर पूजा अर्जना की जाती है। 

कजरी तीज पूजा विधि 

– सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।

– मां पार्वती से सुख वैवाहिक जीवन और परिवार की कामना करते हुए व्रत का संकल्प लें।

– एक थाली में कलश रखें। कलश को आम के पत्तों और फूलों से सजाएं। ओर थाली में रोली, चंदन, अक्षत, दीपक, धूप, फल, मिठाई आदि रखें।

– भगवान शिव और मां पार्वती की मूर्ति या चित्र को एक चौकी पर स्थापित करें और धूप-दीप जलाएं।

– भगवान शिव और माता पार्वती को पुष्प, अक्षत, रोली, चंदन चढ़ाएं।

-पूजा के दौरान भगवान शिव और माता पार्वती के मंत्रों का जाप करें। उसके बाद नियमित रूप से कथा सुनें।

– शाम को चंद्रमा को अर्घ्य विधिवत रूप से दें।

– अगले दिन सुबह उठकर स्नान करें और व्रत का पारण करें।

कजरी तीज व्रत का क्‍या है महत्व?

सनाधनी धर्म में कजरी तीज का व्रत अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण होता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए यह व्रत रखती हैं। जिन महिलाओं को संतान प्राप्ति में समस्या होती है, वे भी यह व्रत रखती हैं।

कजरी तीज का क्‍या है मुख्य उद्देश्य?

इस व्रत का उद्देश्य पति की लंबी उम्र, सुखमय वैवाहिक जीवन और संतान सुख की प्राप्ति के लिए भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना करना है। हिंदू धर्म में इस दिन का खास महत्‍व होता है। विशेषकर वैवाहिक महिलाएं के लिए ये दिन अधिक महत्‍वपूर्ण माना जाता है।  

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