नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। जून माह में पड़ने वाली एकादशी यानी आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली योगिनी एकादशी का सनातन धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन खास भगवान नारायण और माता लक्ष्मी की पूजा करने का विधान है इस दिन पूजा पाठ के साथ दान पूण्य करने से हमारे अनजाने में किए गए समस्त पापों का नाश होता है। जिससे कष्ट दूर हो जीवन में सुख-समृद्धि आती है। आइए जानते है किन चीजों का दान करने से आपकी किस्मत में लगेगा चार चांद।
योगिनी एकादशी पर दान का विशेष महत्व बताया गया है इस दिन धार्मिक मान्यता अनुसार, दान करने से 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के समान पुण्य मिलता है। इस दिन किया गया दान कई जन्मों तक फल प्रदान करता है।
योगिनी एकादशी 2025 में कब है?
वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि जो 21 जून को सुबह 07 बजकर 18 मिनट पर शुरू होगी। जिसका समापन अगले दिन यानी 22 जून को सुबह 04 बजकर 27 मिनट पर होगा। इसलिए उदया तिथि के अनुसार, 21 जून को योगिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा।
योगिनी एकादशी के दिन करें इन चीजों का दान
अन्न दान
योगिनी एकादशी के दिन अन्न दान करना सबसे फलदायी माना जाता है, कहते है इस दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराने से या अनाज का दान करने से आपको मनवांछित फल प्राप्त होते हैं । व आपके घर में धन-धान्य की कमी नहीं होती।
वस्त्र दान
योगिनी एकादशी के दिन वस्त्र दान करना भीअत्यंत पुण्यकारी माना गया है। इस दिन वस्त्र दान से दरिद्रता दूर होती है साथ ही सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
घी दान
देवताओं का प्रिय भोजन घी जिसका योगिनी एकादशी के दिन दान करने से बुद्धि तेज होती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है.
काले तिल का दान
योगिनी एकादशी पर उत्तम फलदायी काले तिल का दान करने से आय में वृद्धि होती है साथ ही शनिदेव की कृपा भी प्राप्त होती है।
जल दान
गर्मी के मौसम में जल दान जिसे हर दान से ऊपर माना गया है जिसके प्यासे को पानी पिलाना या सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ बनवाना शुभ माना गया है।
फलों का दान
भगवान विष्णु को प्रसन्न करने मौसमी फलों का दान करना आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करता है।
योगिनी एकादशी के दिन इन बातों का भी रखें ध्यान
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा कर भगवान विष्णु का प्रिय तुलसी पूजा कर और उन्हें भोग में शामिल करना ना भूले।
इस दिन चावल को भोजन में शामिल करना निषेध माना गया है। तो योगिनी एकादशी के दिन चावल का सेवन करने से बचें। इस दिन सात्विक भोजन ही ग्रहण करें यानी मांस मदिरा या प्याज, लहसून भी तामसिक भोजन भी ना ले। दान करने से पहले मन में संकल्प लें पूरी श्रद्धा के साथ दान करें।
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