back to top
23.1 C
New Delhi
Sunday, March 15, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Raksha Bandhan 2025: इस रक्षाबंधन पर तीन साल बाद आया अद्भुत संयोग, बहनें पूरे दिन बांध सकेंगी भाई को राखी

इस बार रक्षाबंधन का त्योहार 9 अगस्त 2025 को मनाया जाएगा। इस बार यह त्योहार कई मायनों में खास रहने वाला है। आइये जानते हैं इस त्‍यौहार से जुड़ी कुछ खास बातें।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । इस बार रक्षाबंधन का त्योहार 9 अगस्त 2025 को पूरे देश में आस्था और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। खास बात यह है कि इस वर्ष रक्षाबंधन पर भद्राकाल नहीं है, जिससे बहनें सुबह से लेकर शाम तक कभी भी भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी। बता दें कि पिछले तीन वर्षों से भद्रा के कारण राखी बांधने में देरी हो रही थी, लेकिन इस बार पूरा दिन शुभ और मंगलकारी रहेगा। ऐसे योग के कारण यह रक्षाबंधन न केवल रिश्तों को गहराई देगा, बल्कि एक खास अवसर के रूप में याद भी रखा जाएगा।

इस बार भद्रा नहीं बनेगी बाधा, पूरे दिन रहेगा शुभ मुहूर्त

रक्षाबंधन 2025 खास होने जा रहा है, क्योंकि इस बार बहनों को राखी बांधने के लिए किसी मुहूर्त का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। 9 अगस्त को पूरे दिन शुभ समय रहेगा, क्योंकि भद्राकाल का प्रभाव नहीं होगा। आमतौर पर श्रावण पूर्णिमा के दिन भद्रा का योग बनता है, और भद्रा में किसी भी तरह के शुभ कार्य, जैसे राखी बांधना वर्जित माना जाता है। पिछले तीन वर्षों से इसी कारण बहनों को देर रात तक राखी बांधने की प्रतीक्षा करनी पड़ी थी। हालांकि इस बार भद्राकाल 8 और 9 अगस्त की मध्यरात्रि के बाद ही समाप्त हो जाएगा, जिससे 9 अगस्त को रक्षाबंधन का पूरा दिन पूरी तरह शुभ और भद्रा-मुक्त रहेगा।

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त और सही समय

इस वर्ष रक्षाबंधन के दिन 9 अगस्त 2025 को बहनें पूरे दिन अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकती हैं, क्योंकि भद्रा का साया नहीं रहेगा। राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 47 मिनट से शुरू होकर दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। इस समयावधि में राखी बांधना विशेष रूप से शुभ और मंगलकारी माना गया है।

इस बार रक्षाबंधन पर ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति बेहद शुभ

 

इस वर्ष रक्षाबंधन पर ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति बेहद शुभ और अनुकूल रहने वाली है। आमतौर पर पूर्णिमा के दिन भद्रा दोष बाधा बनती है, लेकिन 9 अगस्त 2025 को भद्रा का प्रभाव पूरी तरह समाप्त हो चुका होगा, क्योंकि यह काल 8 और 9 अगस्त की मध्यरात्रि में ही समाप्त हो जाएगा।

भद्रा को सूर्य देव की पुत्री और शनि देव की बहन माना जाता है, और जब उसका वास पृथ्वी लोक में होता है तो किसी भी शुभ कार्य, जैसे राखी बांधने को वर्जित माना जाता है। यही कारण है कि पिछले वर्षों में बहनों को मुहूर्त के लिए देर तक प्रतीक्षा करनी पड़ी थी। लेकिन इस बार सिर्फ भद्रा दोष नहीं हटेगा, बल्कि सर्वार्थ सिद्धि योग, श्रवण नक्षत्र, और धनिष्ठा नक्षत्र जैसे दुर्लभ और शुभ संयोग भी बन रहे हैं। ये योग रक्षाबंधन के दिन को और भी अधिक मंगलकारी बना देंगे। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:22 से 5:04 बजे तक, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:17 से 12:53 बजे तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इन शुभ योगों में किया गया कोई भी कार्य दीर्घकालिक सफलता, समृद्धि और सौभाग्य लेकर आता है। ऐसे में यह रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि एक शुभ अवसर बन जाएगा।

Advertisementspot_img

Also Read:

छुट्टी रद्द होते ही GenZ कर्मचारी का अनोखा रिएक्शन, एयरपोर्ट से बोलीं- अब 10 दिन बाद ही खुलेगा लैपटॉप

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । सोचिए, आप फ्लाइट पकड़ने ही वाले हों और तभी ऑफिस से मैसेज आए कि आपकी छुट्टियां रद्द कर दी गई...
spot_img

Latest Stories

प्रहार नाम का मतलब – Prahar Name Meaning

Prahar Name Meaning – प्रहार नाम का मतलब :Attack/वार,...

सैलरी तो बढ़ी लेकिन जेब है खाली…जानिए क्या है लाइफस्टाइल इंफ्लेशन और इससे बचाव के तरीके

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पैसा किसे प्यारा नहीं होता? लोग...

West Bengal Assembly 2026: बिधाननगर सीट पर किसका रहा है पलड़ा भारी, जानिए यहां का सियासी इतिहास

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव मुहाने...

जब देश में है तेल के कुएं का भंडार तो भारत विदेशों से क्यों खरीदता है क्रूड ऑयल?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। इस बात में कोई दोराहे नहीं...

LPG, CNG और PNG में क्या होता है अंतर? जानिए रसोई से गाड़ियों तक इन गैसों का काम

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव, खासकर Iran...

Solo घूमने के लिए भारत की ये बेस्ट जगहें, जहां मिलेगा सुकून

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज के समय में ज्यादातर...