नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश प्रयागराज में चल रहे हैं महाकुंभ में आज बसंत पंचमी के दिन शाही स्नान है। जिसे अमृत स्नान भी कहा जाता है। इस दिन सुबह से ही भक्तों की भीड़ उम्र पड़ी है और देश-विदेश से लोक संगम में स्नान करने पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु की भीड़ और उनकी आस्था की जो तस्वीरें सामने आ रही है वह काफी भावपूर्ण है। प्रयागराज कि संगम नगरी में एक अलग ही नजारा देखने को आज मिल रहा है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मौनी अमावस्या के दिन हुई घटना के बाद आज बसंत पंचमी के दिन काफी ज्यादा सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हर तरफ सुरक्षाकर्मी तैयार हैं। श्रद्धालु भी बड़े तादाद पर आ रहे हैं और संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। प्रातः काल से ही श्रद्धालु की भीड़ को देखते हुए यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि आज के अमृत स्नान में भी काफी ज्यादा लोग संगम में स्नान करेंगे। वहीं इस बार प्रयागराज में चल रहे 144 साल बाद आया महाकुंभ का खास अवसर भी आया है। साधु संत हो या बूढ़े और बच्चे हर कोई संगम नगरी में पहुंच रहे हैं और गंगा नदी में स्नान कर रहे हैं। उनकी आस्था का यह नजारा एक अलग ही भाव प्रकट कर रहा है।
बसंत पंचमी के दिन संगम नदी में स्नान करने का महत्व
बसंत पंचमी के दिन संगम स्नान करने का भी महत्व है ऐसा माना जाता है कि आज के दिन इससे बुद्धि बल, प्रतिभा, और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। और माता सरस्वती और लक्ष्मी की कृपा आपके घर परिवार में बनी रहती है। वही संगम में तीन नदियां आकर मिलती है गंगा जमुना सरस्वती इसलिए वे लोग संगम में आकर आस्था की डुबकी लगाते हैं ताकि उन्हें माता सरस्वती का आशीर्वाद मिल सके।
संगम में स्नान करने के बाद करें दान
अगर आज के दिन आप महाकुंभ पहुंच गए हैं और संगम स्नान कर चुके हैं तब आपको दान जरूर करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि आज के दिन पीले वस्त्र पीले अनाज का आपको दान करना चाहिए। इससे माता सरस्वती आपकी ऊपर अपनी कृपा बनाए रखती हैं। वहीं विद्यार्थियों को आज के दिन पेंसिल रबर यानी विद्या से जुड़ी हुई चीजों का दान करना चाहिए। ऐसा करने से माता सरस्वती उनके ऊपर ज्ञान की वर्षा करती हैं।




