नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हिंदू धर्म के अनुसार मकर संक्रांति पर स्नान-दान और पूजा-पाठ करने से साधक को विशेष पुण्य मिलता है। इस दिन सूर्य देव की उपासना करने से जीवन में सुख-समृद्धि और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। इस साल मकर संक्रांति बुधवार, 14 जनवरी को पड़ रही है। साथ ही, मकर संक्रांति के दिन खरमास का समापन भी होता है, जिससे विवाह और अन्य शुभ कार्य दोबारा शुरू किए जा सकते हैं।
इस दिन सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी, खासकर गंगा में स्नान करना अत्यंत शुभ माना गया है। यदि नदी तक पहुंचना संभव न हो, तो घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान करना भी पुण्यकारी होता है। ऐसा करने से जीवन में सुख-समृद्धि के योग बनते हैं।
शनि दोष से राहत पाने के लिए मकर संक्रांति के दिन गंगाजल में काले तिल मिलाकर शिव जी का अभिषेक करें। इसके अलावा, स्नान के बाद बहती जलधारा में काले तिल प्रवाहित करना भी शनि दोष को कम करने में मदद करता है।
स्नान-ध्यान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए। इसके लिए जल में लाल फूल, अक्षत (चावल) और रोली डालें और सूर्य को अर्घ्य दें। इस दौरान ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करना शुभ माना गया है। इससे जातक के जीवन में मान-सम्मान और समृद्धि आती है।
मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव की कृपा पाने के लिए अन्न, तिल, गुड़, कपड़े, कंबल और धन का दान करें। गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना भी अत्यंत पुण्यकारी कार्य माना गया है।
इस प्रकार, मकर संक्रांति के दिन स्नान, दान और सूर्य उपासना से साधक न केवल शनि दोष से राहत पाता है, बल्कि जीवन में सुख, शांति और समृद्धि के दरवाजे भी खुल जाते हैं। इस दिन किए गए हर पुण्यकारी कर्म का फल कई गुना मिलता है, इसलिए इसे अवश्य अपनाएं।




