back to top
20.1 C
New Delhi
Tuesday, April 7, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

आज 1 अक्तूबर को मनेगी महानवमी, जानिए कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त

आज 1 अक्तूबर 2025 को महानवमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व है, जिसमें शुभ मुहूर्त में नौ कन्याओं और एक बालक को देवी स्वरूप मानकर पूजा की जाती है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। शारदीय नवरात्रि 2025 अपने अंतिम चरण में है और मां दुर्गा की साधना का यह पर्व आज 1 अक्तूबर, बुधवार को महानवमी के पावन अवसर पर पूर्ण आस्था और श्रद्धा के साथ सम्पन्न होगा। अगले दिन विजयदशमी पर मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन कर विजय का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा।

महानवमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व

महानवमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन नौ कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर विधिपूर्वक पूजा करने से मां दुर्गा शीघ्र प्रसन्न होती हैं और साधक को अखंड सौभाग्य, सुख-समृद्धि और शांति का आशीर्वाद देती हैं।

कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त

पूजन समय: सुबह 4:53 बजे से 5:41 बजे तक

कन्या भोज का समय: सुबह 8:06 बजे से 9:50 बजे तक

धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, इन शुभ समयों में कन्याओं का पूजन कर भोज कराना विशेष फलदायक माना गया है।

शुभ संयोग से और भी फलदायी होगी महानवमी

इस बार महानवमी पर कई शुभ योग भी बन रहे हैं।

पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र सुबह 8:06 बजे तक रहेगा, इसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का संयोग बनेगा।

इस दिन अतिगंड योग और बुधादित्य योग का निर्माण भी हो रहा है, जो आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी माने जाते हैं।

सूर्य और बुध दोनों के कन्या राशि में होने से बुधादित्य योग बन रहा है, जो बुद्धि और सफलता के द्वार खोलने वाला योग माना जाता है।

कन्या पूजन से जुड़े नियम – जानिए क्या करना है जरूरी

कन्याओं की आयु: 2 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक की कन्याओं को पूजन हेतु आमंत्रित करें।

पावन चरण: पूजन से पहले कन्याओं के पांव धोकर उन्हें आसन दें।

बटुक भैरव: एक छोटे बालक को भी भोजन में सम्मिलित करें, जिसे बटुक भैरव कहा जाता है।

भोज्य सामग्री: परंपरा के अनुसार हलवा, पूरी और काले चने का भोग अति आवश्यक माना गया है।

दक्षिणा व उपहार: पूजन के पश्चात कन्याओं को यथाशक्ति उपहार या दक्षिणा देकर आशीर्वाद लें।

 क्यों है कन्या पूजन का इतना महत्व?

शास्त्रों में बताया गया है कि कन्याएं साक्षात मां दुर्गा का ही रूप होती हैं। नवमी तिथि पर उनका पूजन करने से सभी प्रकार के दोषों का नाश होता है, साथ ही परिवार में धन, यश, और सौभाग्य का वास होता है।

यही कारण है कि, देवी मंदिरों से लेकर घर-घर में इस दिन कन्या पूजन और महाआरती का आयोजन विशेष रूप से किया जाता है।महानवमी के दिन न सिर्फ पूजा-अर्चना करें, बल्कि आत्ममंथन और संयम का पालन करते हुए अपने जीवन में सकारात्मकता को स्थान दें। मां दुर्गा की कृपा से जीवन के हर संकट से मुक्ति मिलेगी।

Advertisementspot_img

Also Read:

spot_img

Latest Stories

वीवा नाम का मतलब- Viva Name Meaning

Meaning of Viva / विवा नाम का मतलब: Full...

उदयपुर Kanhaiya Lal हत्याकांड में इंसाफ की मांग तेज, परिवार ने सरकार से पूछा- न्याय कब मिलेगा?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। राजस्थान के उदयपुर में हुए चर्चित...

गणेश भगवान को चढ़ाएं घर पर बना मोदक, प्रसन्न होकर देगें वरदान, जानिए रेसिपी

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। गणेश भगवान की पूजा से...

ATM Transaction Fail: ATM से पैसा कटा पर कैश नहीं मिला? जानिए कैसे करें शिकायत और पाएं मुआवज

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। ATM से पैसे निकालते समय कई...

RR vs MI: बारिश का खतरा या पूरा मैच? गुवाहाटी वेदर रिपोर्ट ने बढ़ाई टेंशन

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। Indian Premier League 2026 के 13वें...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵