नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। चैत्र मास में शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि यानि कल 8 अप्रैल, दिन मंगलवार को कामदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। चैत्र नवरात्रि और राम नवमी के बाद यह पहली एकादशी मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार कामदा एकादशी का व्रत करने से जीवन में खुशहाली बनी रहती है। यह व्रत जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है, ऐसे में श्रीहरि सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। वहीं इस बार कामदा एकादशी के दिन रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हैं।
कब शुरू होगी कामदा एकादशी तिथि
हिन्दू पंचांग के अनुसार, उदया तिथि में इस साल कामदा एकादशी का व्रत 8 अप्रैल के दिन रखा जाएगा। चैत्र शुक्ल एकादशी तिथि 7 अप्रैल को रात 8 बजे से अगले दिन 8 अप्रैल दिन मंगलवार को रात 10 बजकर 55 मिनट तक रहेगी। ऐसे में कामदा एकादशी पर पूजा का मुहूर्त सुबह 06 बजकर 3 मिनट बजे से सुबह 7 बजकर 55 मिनट बजे तक रहेगा। साथ ही रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 6 बजकर 03 मिनट बजे से सुबह 7 बजकर 55 बजे तक है। कामदा एकादशी व्रत पारण का मुहूर्त 9 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 02 बजे से सुबह 8 बजक 34 मिनट बजे के बीच कर सकेंगे।
इस विधि से करें पूजन
सबसे पहले स्नान आदि कर मंदिर की साफ सफाई कर लें। भगवान श्री हरि विष्णु का जलाभिषेक कर भगवान को पीला चंदन और पीले पुष्प अर्पित करें। मंदिर में घी का दीपक प्रज्वलित करें और संभव हो तो व्रत रखें और व्रत लेने का संकल्प करें। कामदा एकादशी की व्रत कथा का पाठ करें। इसके बाद पूरी श्रद्धा के साथ भगवान श्री हरि विष्णु और लक्ष्मी जी की आरती करें और भोग में तुलसी दल शामिल करते हुए भोग लगाएं।





