नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 30 मार्च रविवार से चैत्र नवरात्रि व हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2082 का आरंभ होने जा रहा है। इस दिन कई शुभ संयोगों के साथ सर्वार्थ अमृत सिद्धियोग बन रहा है। रविवार से नववर्ष का आरंभ होने से इस वर्ष के राजा सूर्य होंगे नवग्रहों के मंत्री मंडल में वर्ष के मंत्री का भी पद सूर्य को ही प्राप्त हुआ है। चैत्र नवरात्र के पहले दिन घरों में कलश स्थापना के साथ उपासक व्रत रखेंगे।
हिन्दू नववर्ष 2082 का आरंभ और कलश स्थापना
ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद तिवारी ने बताया कि इस बार का संवत्सर 2082 होगा और इसका नाम भी सिद्धार्थी संवत होगा। इस दिन सर्वार्थ अमृत सिद्धियोग का शुभ संयोग बन रहा है। चैत्र नवरात्रि और हिन्दू नववर्ष के आरंभ के समय मीन राशि में 6 ग्रहों का योग बन रहा है l सूर्य, चंद्रमा, बुध, शुक्र, शनि और राहु सभी 6 ग्रह एक साथ मीन राशि में गोचर करेंगे l दैनिक योगों में ऐंद्र योग रात्री 7:40 तक रहेगा। सर्वार्थसिद्धियोग प्रातः 6:14 के बाद से आरंभ होगा। यायिजययोग दिन में 2:14 तक रहेगा। इन योगों में ही हिन्दू नववर्ष 2082 का आरंभ और कलश स्थापना होगी।
कलश व घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना या कलश स्थापना की जाती है। 30 मार्च रविवार को कलश स्थापना मुहूर्त सूर्योदय से दिन में 2:14 बजे तक है। वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 24 मिनट बजे से 12 बजकर 36 मिनट तक।
इस वर्ष के राजा होंगे सूर्य
नववर्ष का आरंभ रविवार से होने से इस वर्ष के राजा सूर्य होंगे नवग्रहों के मंत्री मंडल में वर्ष के मंत्री का भी पद सूर्य को ही प्राप्त हुआ है। हिंदू नववर्ष में अन्न-धन, खनिज व धातु के स्वामी बुध होंगे। खाद्य पदार्थों के स्वामी मंगल होंगे।
मीन राशि में बनेगा पंचग्रही योग
नव संवत् और नवरात्र के पहले दिन ही मीन राशि में सूर्य देव के साथ चंद्रमा, शनि, बुध, राहु एक साथ विद्यमान रहेंगे, जिससे पंचग्रही योग बनेगा। इस दिन बुधादित्य और मालव्य राजयोग भी है। इसके अलावा पूरे नवरात्र के दौरान चार दिन रवि योग व तीन दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। इस माता की सवाली हाथी है, जिसे बहुत ही शुभ माना जा रहा है।




