नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । हिन्दू धर्म में मकर संक्रांति का त्योहार न सिर्फ धूमधाम से मनाया जाता है, बल्कि इसे धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व वाला दिन भी माना जाता है। यह दिन सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ जुड़ा होता है और दान, पुण्य और विशेष अनुष्ठानों के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन तिल से जुड़े कुछ खास उपाय करने से न केवल घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, बल्कि शनि दोष, सूर्य दोष और पितृ दोष से भी राहत मिलती है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
तिल और दान से बनाएं सौभाग्य
मकर संक्रांति के दिन तिल, गुड़, चूड़ा और दही का सेवन और दान करने की परंपरा है। ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि तिल का दान और तिल से जुड़ी पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और धन, सफलता और सुख-समृद्धि के मार्ग खुलते हैं।
शनि दोष को दूर करने का उपाय
अगर शनि दोष का प्रभाव महसूस हो रहा है, तो मकर संक्रांति के दिन तिल के तेल का दीपक भगवान शनि के मंदिर में जलाना चाहिए। स्नान के बाद तिल का दान करना विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। ऐसा करने से शनि दोष का असर कम होता है और मानसिक शांति मिलती है।
सूर्य दोष से मुक्ति के लिए विशेष उपाय
सूर्य दोष से परेशान लोगों के लिए सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद भगवान सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए। तांबे के लोटे में काले तिल और फूल डालकर जल अर्पित करते हुए सूर्य मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे सूर्य दोष के प्रभाव कम होते हैं और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।
पितृ दोष से राहत पाने के आसान तरीके
यदि पितृ दोष का असर महसूस हो रहा है, तो पीपल के पेड़ के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाना चाहिए। दीपक जलाने के बाद पूर्वजों का स्मरण करना लाभकारी होता है। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के उपाय
मकर संक्रांति पर काले तिल और गुड़ का दान करना माता लक्ष्मी को खुश करता है। गरीब और जरूरतमंदों को ठंडे कपड़े या भोजन दान करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे धन, समृद्धि और खुशहाली के मार्ग खुले रहते हैं। मकर संक्रांति पर ये तिल से जुड़े उपाय न केवल किस्मत सुधारने में मदद करते हैं, बल्कि घर और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करते हैं।




