back to top
24.1 C
New Delhi
Tuesday, March 17, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Diwali 2024: राम-सीता की अयोध्या वापसी का उत्सव है दीवाली, तो इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा क्यों होती है?

दिवाली आते ही सब के मन में माता माता लक्ष्मी की पूजा का ख्याल क्यों आता हैं? जबकि दिवाली का उत्सव राम भगवन के अयोध्या वापस आने पर मनाया जाता है।

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। दिवाली का पर्व बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है। इस दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं। घर को रोशनी से रोशन करने के लिए दीप जलाते हैं। ऐसी मान्यता है की आज के दिन ही भगवान राम माता सीता और भाई लक्षमण के साथ 14 साल के वनवास के बाद अयोध्या आए थे। लेकिन हर दिवाली को माता लक्ष्मी की पूजा पूजा होती हैं।अब सवाल ये उठता हैं कि, जब ये उत्सव भगवान राम के आगमन का हैं तो माता माता लक्ष्मी की पूजा क्यों? तो चलिए जानते हैं इसका महत्त्व। 

राम भगवान का हुआ था आगमान  

  

दिवाली के दिन होने वाली पूजा के कई महत्व है। शास्त्रों के अनुसार दिवाली का पर्व भगवान राम के अयोध्या आने के उपलक्ष्य में मनाई जाती हैं। कहते हैं कि, 14 साल वनवास काट कर भगवन जब अपने घर आए। तो अयोध्या वासी काफी खुश हो गए और चारो तरफ दीपक जलाकर पूरी अयोध्या नगरी रोशन कर दी थी। उसी दिन के बाद हर साल दिवाली का पर्व मनाया जाने लगा। 

दिवाली के दिन क्यों होती है लक्ष्मी माता की पूजा 

दिवाली के दिन सभी कोई दीपक जलाने के साथ-साथ माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करते हैं। ऐसा मन जाना हैं कि आज के दिन माता की पूजा करने से घर में बरकत होती है। इसके साथ ही माता का आशीवार्द प्राप्त होता हैं इससे आपको धन लाभ भी होता हैं। मान्यताओं के अनुसार, देवताओं और असुरों के बीच समुद्र मंथन हुआ था तो इसमें से लक्ष्मी भी निकली थी। ये मान्यता है कि जिस दिन लक्ष्मी प्रकट हुईं थी, उस दिन कार्तिक कृष्ण पक्ष की अमावस्या थी। यह दिन ही दिवाली के तौर पर मनाया जाता है। इसके साथ ही माता लक्ष्मी की पूजा के बारे में कई और कहानियां भी है। कुछ लोगों का ये भी मानना हैं कि दिवाली के दिन कई राक्षसों का अंत हुआ था जिसमें नार्कासुर, बली आदि शामिल है। इसलिए दिवाली को अच्छा संकेत माना जाता है और समृद्धि के देवी यानी लक्ष्मी को पूजा जाता है। 

अन्य ख़बरों के लिए क्लिक करें –www.raftaar.in

डिसक्लेमर

इस लेख में प्रस्तुत किया गया अंश किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की पूरी सटीकता या विश्वसनीयता की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारियां विभिन्न स्रोतों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/प्रामाणिकताओं/धार्मिक प्रतिष्ठानों/धर्मग्रंथों से संग्रहित की गई हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य सिर्फ सूचना प्रस्तुत करना है,और उपयोगकर्ता को इसे सूचना के रूप में ही समझना चाहिए। इसके अतिरिक्त, इसका कोई भी उपयोग करने की जिम्मेदारी सिर्फ उपयोगकर्ता की होगी।

Advertisementspot_img

Also Read:

Dev Diwali Mantra: आज देव दिवाली के दिन इन मंत्रों का करें जाप, महादेव होंगे प्रसन्न

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। दिवाली के बाद देव दिवाली का पर्व मनाया जाता है। हालांकि इस पर्व के दिन महादेव की पूजा अर्चना की...
spot_img

Latest Stories

ओंकार नाम का मतलब-Omkar Name Meaning

Omkar Name Meaning – ओंकार नाम का मतलब :...

West Bengal Assembly 2026: टॉलीगंज सीट से कौन लहरा सकता है जीत का परचम, TMC या BJP? जानिए समीकरण

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। साउथ कोलकाता के अंतर्गत आने वाली...

Tarvel Tips: पार्टनर के साथ घूमने के लिए ये हैं बेस्ट जगह, आज ही बनाएं प्लान

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। अगर आप अपने पार्टनर के...

आज जिंदा हूं तो PM मोदी और अमित शाह की वजह से…’ चार साल बाद छलका नुपुर शर्मा का दर्द

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। नुपुर शर्मा ने दिल्ली में आयोजित...

IPL 2026 से पहले शादी के बंधन में बंधे RCB के ये गेंदबाज, रेप का लग चुका है आरोप

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हाल ही में कुलदीप यादव ने...