नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । दीवाली के पांच दिवसीय त्योहार की शुरुआत धनतेरस से होती है, जिसे धनत्रयोदशी भी कहा जाता है। इस वर्ष धनतेरस का त्योहार आज 18 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा, जो समृद्धि और धन की प्राप्ति के लिए शुभ माना जाता है।
धनतेरस पर लोग आमतौर पर सोना-चांदी जैसी कीमती वस्तुएं खरीदते हैं, लेकिन झाड़ू खरीदना भी बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि झाड़ू घर की नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों को साफ करने का प्रतीक है। इसे खरीदने से घर में सकारात्मकता और समृद्धि आती है।
इसलिए धनतेरस पर झाड़ू खरीदना खुशहाली और सौभाग्य के लिए लाभकारी माना जाता है। क्या आप धनतेरस से जुड़े और भी रीति-रिवाज जानना चाहेंगे?
इस लिए खरीदी जाती है झाड़ू
धनतेरस पर झाड़ू खरीदना बहुत शुभ माना जाता है क्योंकि इसे धन की देवी, मां लक्ष्मी का प्रतीक समझा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने से घर में मां लक्ष्मी का वास होता है। इससे देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में स्थायी रूप से निवास करती हैं, जिससे समृद्धि और खुशहाली आती है।
क्या है झाडू़ का महत्व
धनतेरस पर झाड़ू खरीदने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और दरिद्रता तथा आर्थिक तंगी खत्म होती है। नई झाड़ू लाने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। मां लक्ष्मी की कृपा से व्यक्ति के सभी काम सफल होते हैं, कर्ज और समस्याओं से मुक्ति मिलती है, और आय के स्रोत बढ़ते हैं। इस दिन झाड़ू खरीदना सौभाग्य और खुशहाली लाने वाला माना जाता है।
मां लक्ष्मी होती हैं आकर्षित
धनतेरस पर सोना-चांदी के साथ-साथ झाड़ू खरीदना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। यह घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश करता है और सफाई करते समय मां लक्ष्मी को आकर्षित करता है। झाड़ू खरीदने से घर की दरिद्रता दूर होती है और सुख-समृद्धि बढ़ती है। इस दिन झाड़ू लाना आर्थिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टियों से लाभकारी माना जाता है।
धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदकर लाने से घर में मां लक्ष्मी का वास होता है। ऐसी झाड़ू की विधिपूर्वक पूजा करनी चाहिए ताकि उसकी सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे। इसके अलावा, नई खरीदी गई झाड़ू का ही साफ-सफाई में उपयोग करना शुभ माना जाता है, जिससे घर में समृद्धि और सुख-शांति बनी रहती है।
Disclaimer: यह खबर सामान्य ग्रह-गणनाओं और सामान्य ज्योतिष पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते है।




