नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। दीपावली पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है, जिसे धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन धन, स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन समुद्र मंथन से धन्वंतरि देव अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए इस दिन को आयु, आरोग्य और धन प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।
इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा का विधान है। लोग सोने-चांदी, बर्तन और अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी करते हैं, ताकि पूरे वर्ष घर में सुख, संपन्नता और समृद्धि बनी रहे। ज्योतिष और धर्मग्रंथों में बताया गया है कि यदि धनतेरस की शाम कुछ विशेष उपाय किए जाएं, तो मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर घर में स्थायी निवास करती हैं। आइए जानते हैं वे दो खास उपाय ।
पहला उपाय: बनाएं ‘धनवर्षा पोटली’, मिलेगी आर्थिक समृद्धि
धनतेरस की शाम ‘धनवर्षा पोटली’ तैयार करने की परंपरा बहुत प्राचीन है। यह पोटली मां लक्ष्मी की कृपा और घर में धन की स्थिरता का प्रतीक मानी जाती है। इसे तिजोरी या पूजा स्थान पर रखने से आर्थिक प्रगति होती है और कर्ज-मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।
पोटली बनाने की विधि
एक साफ पीले या लाल रंग के कपड़े को लें।
उस पर हल्दी की दो गांठें, चांदी का सिक्का, मां लक्ष्मी की तस्वीर, दो सुपारी, दो गोमती चक्र, दो कौड़ी, पांच कमलगट्टे, दो हरी इलायची, दो लौंग, पीले अक्षत (चावल) और थोड़ा धनिया रखें।
इन सभी वस्तुओं को पहले मां लक्ष्मी को अर्पित करें और ‘ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का 11 बार जाप करें।
इसके बाद इन्हें कपड़े में बांधकर पोटली बना लें।
यह पोटली पूजा के बाद घर की तिजोरी, अलमारी या धन रखने के स्थान पर रखें।
शास्त्रों के अनुसार, यह पोटली घर में धन का प्रवाह बनाए रखती है, परिवार में स्थिरता लाती है और व्यापार या नौकरी में लाभ प्रदान करती है। जो व्यक्ति श्रद्धा और विश्वास से इसे बनाता है, उसके जीवन में धीरे-धीरे आर्थिक उन्नति और सौभाग्य का मार्ग खुलता है।
दूसरा उपाय: दीपक जलाकर करें मां लक्ष्मी का स्वागत
धनतेरस की शाम दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना गया है। ऐसा करने से घर से नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। धार्मिक मान्यता है कि दीपक की लौ मां लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है। इस दिन जितने अधिक दीपक जलाए जाते हैं, घर में उतनी ही अधिक समृद्धि आती है।
दीपक जलाने की विधि और नियम:
सूर्यास्त के समय घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाएं।
दीपक की लौ दक्षिण दिशा की ओर रखें, जिससे घर की दरिद्रता और नकारात्मक शक्तियां बाहर निकलती हैं।
घर के हर कमरे, रसोईघर और मंदिर में भी दीपक जलाएं।
रात में मुख्य दरवाजे के बाहर चारों दिशाओं में दीपक जलाने से मां लक्ष्मी का आगमन होता है।
मान्यता है कि दीपक की रोशनी से घर में शांति, सौभाग्य और धन की वृद्धि होती है। जो लोग नियमित रूप से दीपक जलाते हैं, उनके घर में कभी भी आर्थिक संकट नहीं आता और परिवार में सद्भाव बना रहता है।
धनतेरस का महत्व और धार्मिक कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, धनतेरस के दिन समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन स्वास्थ्य लाभ और दीर्घायु के लिए भी भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है।
एक अन्य कथा के अनुसार, इसी दिन भगवान यमराज से प्रह्लाद के पुत्र हिमालय राजकुमार हेमंत की रक्षा दीपदान के कारण हुई थी। तभी से इस दिन यमदीपदान का विशेष महत्व है।लोग इस दिन घर के बाहर दीपक जलाते हैं ताकि यमराज का कोप टल जाए और परिवार को लंबी आयु का आशीर्वाद मिले।
क्या करें और क्या न करें धनतेरस पर
करें
इस दिन सोना, चांदी, बर्तन या झाड़ू खरीदना शुभ माना गया है।
मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा अवश्य करें।
घर को साफ-सुथरा रखें और दीपों से सजाएं।
क्या न करें
इस दिन उधार न दें और न ही किसी से कर्ज लें।
रात्रि में घर के बाहर झाड़ू न लगाएं।
झगड़ा या अपशब्द बोलने से बचें, क्योंकि इससे लक्ष्मी का अपमान होता है।
धनतेरस का पर्व केवल खरीदारी का दिन नहीं, बल्कि श्रद्धा, समृद्धि और सकारात्मकता का प्रतीक है।
इस शाम अगर आप श्रद्धा और विश्वास के साथ धनवर्षा पोटली बनाएं और दीपक जलाएं, तो मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इससे घर में धन का आगमन, सौभाग्य और सुख-शांति का स्थायी वास होता है।जहां दीपक की रोशनी और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद होता है, वहां कभी दरिद्रता नहीं ठहरती।





