नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हिंदू धर्म के पवित्र आयोजनों में से एक जगन्नाथ रथ यात्रा जहां विष्णु भगवान के अवतार को जगन्नाथ भगवान के रुप में पूजा जाता है जिसकी हर साल जून के आखिरी हफ्ते से रथ यात्रा की शुरुवात होती है। इस बार ये यात्रा आज यानि 27 जून से शुरू होगी। यात्रा का कार्यक्रम सुबह से ही शुरू हो गया है तो वहीं भगवान जगन्नाथ की आरती में अमित शाह भी शामिल हुए।आपको बता दें कि यात्रा के दौरान बलभद्र और सुभद्रा जी के रथ भी भगवान जगन्नाथ के रथ के साथ निकलते हैं। जिसमें मान्यता अनुसार, साल में एक बार भगवान जगन्नाथ अपनी मौसी के घर जाते हैं इसीलिए यह यात्रा निकाली जाती है। इस यात्रा में शामिल होने वाले लोगों को कुछ विशेष चीजें यात्रा से घर जरूर लानी चाहिए। जिससे उनके पूरे जीवन में बहुत प्रभाव पड़ता है आइए जानते है उन चीजों के बारे में ।
अमित शाह ने की पहली आरती
अहमदाबाद में 148वीं रथयात्रा के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुबह श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर मंगल आरती में हिस्सा लिया। इस दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद रहे। आज शाम 4:00 बजे भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शुरू होगी।ओड़िसा के पुरी में भगवान विष्णु के अवतार कहे जानेवाले भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का बहुत महत्वउ माना जाता है जिसमें कहते है भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा जी के साथ अपने मौसी के घर जाते है जिसके लिए ये रथ यात्रा का आयोजन होता है इसमें दूर-दूर से शामिल होने देश विदेशों से बहुत श्रद्धालु आते है। जिसमें इस यात्रा में शामिल होने वाले लोगों को कुछ विशेष चीजें यात्रा से घर जरूर लानी चाहिए। माना जाता है कि जगन्नाथ यात्रा से घर लाई गई इन चीजों से आपको चमत्कारी लाभ प्राप्त होते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
रथ की लकड़ी
इस रथ यात्रा से पहले बलभद्र, सुभद्रा और जगन्नाथ भगवान के रथों का निर्माण होता है। जिसमें तीनों रथों को नीम की पवित्र लकड़ी से तैयार किया जाता है। जिसे रथ यात्रा समाप्त होने पर मान्यता अनुसार तोड़ दिया जाता है। माना जाता है कि रथ के टूटने के बाद रथ की एक छोटी सी लकड़ी को भी अगर आप अपने घर ले आते हैं तो इसके चमत्कारी प्रभाव आपको प्राप्त होते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रथ यात्रा में शामिल हुए रथ की लकड़ी को अपने घर में रखने से सकारात्मकता और समृद्धि आपके जीवन में आती है।
सूखा चावल (निर्माल्य)
जगन्नाथ पुरी धाम में भोग लगाने एक प्रकार के सूखे चावल का भोग भगवान जी को लगाया जाता है। इन सूखे चावलों को जगन्नाथ धाम के अंदर ही बनाया जाता है। जिसे भक्तों को प्रसाद के रूप में भी बाटां जाता हैं। माना जाता है कि, इन चावलों को लाकर अगर आप अपने अन्न भंडार स्थान पर रख दें तो घर में बरकत आती है। साथ ही सुख-संपन्नता जीवन में बनी रहती है।
मंदिर से ले आएं छड़ी
जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान विशेष प्रकार की छड़ी (बेंत) भक्तों को स्पर्श करवाई जाती है। जिसमें मां लक्ष्मी कावास माना जाता है साथ ही ये भगवान के तेज का प्रतीक भी मानी जाती है। माना जाता है कि, अगर आप इस बेंत को अपने घर ले आकर इसे पूजा स्थल या तिजोरी में रखे दें तो धन-धान्य की कभी आपको कमी नही होती व समाज में आपका यश भी बढ़ने लगता है।
तुलसी माला
जगन्नाथ पुरी धाम से लौटते समय आप तुलसी की माला भी घर ला सकते हैं। जो भगवान विष्णु को अतिप्रिय ऐसे में उनके धाम से लौटते समय अगर आप तुलसी की माला लाते हैं तो आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। तुलसी माला को घर में रखने से आपको आरोग्य और धन-वैभव की भी प्राप्ति होती है। इन चीजों में से किसी भी एक चीज को आप जगन्नाथ धाम से रथ यात्रा के बाद घर लाकर अपने जीवन में काफी बदलाव पाऐगें।




