नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। हिंदू धर्म में गोपाष्टमी बहुत ही खास माना जाता है। यह त्योहार हर साल कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस शुभ दिन पर लोग भगवान कृष्ण और गौ माता की पूजा करते हैं। इस वर्ष गोपाष्टमी आज यानी 31 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। श्री कृष्ण को गौ माता अति प्रिय हैं। ऐसे में अगर आप कृष भगवान की विशेष कृपा चाहते हैं, कि तो इस शुभ दिन पर गौ माता को हरा चारा खिलाएं और उनकी विधिवत पूजा करें।इसके साथ ही कुछ विशेष मंत्रों का भी जाप करें।
गोपाष्टमी पूजा विधि
गोपाष्टमी के दिन आप जल्दी उठकर स्नान ध्यान कर कर कृष्ण भगवान की पूजा अर्चना करें इसके साथ ही आप गाय और बछड़े को स्नान कराना चाहिए। उनके सींगों को हल्दी, कुमकुम और फूलों से सजाएं।गाय और बछड़े को वस्त्र, चुनरी चढ़ाएं, इनके पैरों में घुंघरू बांधें। चावल चढ़ाएं। धूप, दीप जलाएं आरती करें।गौमाता को हरा चारा, हरा मटर, गुड़, गेहूं और रोटी और खीर खिलाएं। गाय की परिक्रमा करें।गायों के चरणों की रज माथे पर लगाने से सौभाग्य में वृद्धि होती है। इस दिन गौशाला में चारा, अनाज, धन, वस्त्र आदि का दान करना चाहिए।
इन मंत्रों का करें जाप
सुरभि त्वं जगन्मातर्देवी विष्णुपदे स्थिता, सर्वदेवमये ग्रासं मया दत्तमिमं ग्रस,तत: सर्वमये देवि सर्वदेवैरलड्कृते, मातर्ममाभिलाषितं सफलं कुरु नन्दिनी!!
सुरूपा बहुरूपाश्च विश्वरूपाश्च मातरः।गावो मामुपतिष्ठन्तामिति नित्यं प्रकीर्तयेत्।।
गया माता की आरती
ऊं जय जय गौमाता, मैया जय जय गौमाता |
जो कोई तुमको ध्याता, त्रिभुवन सुख पाता ||
मैया जय जय गौमाता
सुख समृद्धि प्रदायनी, गौ की कृपा मिले |
जो करे गौ की सेवा, पल में विपत्ति टले ||
मैया जय जय गौमाता
आयु ओज विकासिनी, जन जन की माई |
शत्रु मित्र सुत जाने, सब की सुख दाई ||
मैया जय जय गौमाता
सुर सौभाग्य विधायिनी, अमृती दुग्ध दियो |
अखिल विश्व नर नारी, शिव अभिषेक कियो ||
मैया जय जय गौमाता
ममतामयी मन भाविनी, तुम ही जग माता |
जग की पालनहारी, कामधेनु माता ||
मैया जय जय गौमाता
संकट रोग विनाशिनी, सुर महिमा गायी |
गौ शाला की सेवा, संतन मन भायी ||
मैया जय जय गौमाता
गौ माँ की रक्षा हित, हरी अवतार लियो |
गौ पालक गौपाला, शुभ सन्देश दियो ||
मैया जय जय गौमाता
श्री गौमात की आरती, जो कोई सुत गावे |
“पदम्” कहत वे तरणी, भव से तर जावे ||
मैया जय जय गौमात
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