Mantra Ravivar: रविवार को कालभैरव के इन मंत्रों का करें जाप, सभी रोगों से मिलेगी मुक्ति

रविवार को सूर्य भगवान के साथ ही कालभैरव भगवान की पूजा करने से आप निरोगी होते हैं।और कुछ मंत्रो के जाप से वह जल्दी प्रसन्न भी होते है।
Mantra of kalabhairava
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नई दिल्ली रफ्तार 11 February 2024: कालभैरव भगवान शिव के ही रूप है। भगवान ने क्रोध में आकर यह रूप लिया था। रविवार के दिन सूर्य भगवान के साथ कालभैरव की भूमि पूजा की जाती है। सच्चे मन से कालभैरव की पूजा करने से भगवान जल्दी प्रसन्न होते है और आपको मनचाहा फल देते हैं। काल भैरव भगवान के कुछ मंत्र भी हैं जिनके जाप से घर में सुख शांति बनी रहती है।

कालभैरव भगवान की पूजा करने का महत्त्व

भगवान कालभैरव के नाम का ही मतलब होता है काल को हरा देने वाला काल भैरव की उत्पत्ति भगवान शिव के क्रोधित रूप से हुई थी। लेकिन भक्तों की सच्ची प्रार्थना से भगवान जल्दी प्रसन्न हो जाते है। और उन पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं। मान्यताओं के अनुसार भगवान कालभैरव के अंदर भगवान विष्णु ,ब्रह्मा और शंकर की शक्तियां विराजित है। इसलिए इनकी पूजा करना और भी लाभदायक होता है। कहते हैं की काल भैरव की पूजा करने से आपके घर में भूत प्रेत बाधा का साया नहीं होता है।

कालभैरव भगवान की पूजा करने की विधि

इस दिन आप प्रातः स्नान आदि करने के पश्चात व्रत का संकल्प लें। इसके बाद कालभैरव के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें। कालभैरव को हल्दी या कुमकुम का तिलक लगाकर इमरती, पान, नारियल आदि चीजों का भोग लगाएं। इसके बाद दीपक जलाकर आरती करें। रात के समय कालभैरव के मंदिर जाकर धूप, दीपक जलाने के साथ काली उड़द, सरसों के तेल से पूजा भी करना चाहिए। ऐसा करने के बाद भैरव चालीसा, शिव चालीसा व कालभैर वाष्टक का पाठ करें।

भगवान को प्रसन्न करने के लिए इन मंत्रों का करें जाप

  • ॐ ह्रीं बं बटुकाय मम आपत्ति उद्धारणाय। कुरु कुरु बटुकाय बं ह्रीं ॐ फट स्वाहा

  • ॐ कालभैरवाय नम:।।

  • ॐ भयहरणं च भैरव:।।

  • ॐ भ्रं कालभैरवाय फट्।।

  • ॐ ह्रीं बं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरूकुरू बटुकाय ह्रीं।।

  • ऊं नम: शिवाय:

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