नई दिल्ली/रफ्तार डेेस्क। आगामी चारधाम यात्रा 2026 को सुव्यवस्थित और श्रद्धामय बनाने के लिए केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में बड़ा फैसला लिया गया है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) और प्रशासन ने मंदिर परिसरों के 70 मीटर दायरे में मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग और रील बनाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का निर्णय किया है। इसका उद्देश्य न सिर्फ धामों की पवित्रता बनाए रखना है, बल्कि दर्शन व्यवस्था को सुचारु और श्रद्धालुओं के लिए आसान बनाना भी है।
श्रद्धालुओं के लिए सरल दर्शन सुनिश्चित होंगे
मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि पिछले वर्षों में यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर के समीप वीडियो और रील बनाने लगते थे। इससे न केवल दर्शन व्यवस्था प्रभावित होती थी, बल्कि भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिहाज से कई चुनौतियां भी सामने आती थीं। अब यह प्रतिबंध लागू होने से मंदिरों की गरिमा और श्रद्धालुओं के लिए सरल दर्शन सुनिश्चित होंगे।
आध्यात्मिक अनुभव देने के उद्देश्य से उठाया गया है
हेमंत द्विवेदी ने बताया कि समिति प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर यात्रा प्रबंधन को और बेहतर बनाएगी। 70 मीटर के दायरे में मोबाइल प्रतिबंध से श्रद्धालु बिना किसी व्यवधान के भगवान के दर्शन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह कदम श्रद्धालुओं को एक शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक अनुभव देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं
मंदिर परिसर और चारधाम यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जा रहा है। समिति ने साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा यात्रा मार्ग और धामों में व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा भी की जाएगी ताकि तीर्थयात्रियों को कोई कठिनाई न हो।
शांतिपूर्ण वातावरण में भगवान के दर्शन कर पाएंगे
मंदिर समिति जल्द ही बोर्ड बैठक आयोजित करेगी, जिसमें यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं, यात्री सुविधाओं और आवश्यक बजट प्रावधानों पर चर्चा की जाएगी। समिति का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुव्यवस्थित यात्रा उनकी प्राथमिकता है। प्रशासन और समिति को उम्मीद है कि इस निर्णय से चारधाम यात्रा के दौरान अनुशासन बेहतर होगा और श्रद्धालु अधिक शांतिपूर्ण वातावरण में भगवान के दर्शन कर पाएंगे।
दर्शन में व्यवधान नहीं आएगा
ध्यान देने वाली बात यह है कि प्रतिबंध केवल मंदिर परिसर के 70 मीटर के दायरे में लागू होगा। इसके बाहर श्रद्धालु मोबाइल और कैमरे का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन मंदिर के निकट कोई भी वीडियो या रील नहीं बना पाएंगे। इससे मंदिरों की पवित्रता बनी रहेगी और दर्शन में व्यवधान नहीं आएगा।
सुरक्षा और चिकित्सा सेवाओं की भी व्यवस्था की गई है
तीर्थयात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए मंदिर समिति ने सभी विश्राम गृहों को तीर्थयात्रियों की सुविधा के अनुसार तैयार किया है। यात्रियों को पर्याप्त पानी, भोजन और आराम की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा यात्रा मार्ग में सुरक्षा और चिकित्सा सेवाओं की भी व्यवस्था की गई है।
इस फैसले से धामों की पवित्रता और सुरक्षा बनी रहेगी
बीकेटीसी और प्रशासन का मानना है कि इस फैसले से न केवल धामों की पवित्रता और सुरक्षा बनी रहेगी, बल्कि चारधाम यात्रा का अनुभव तीर्थयात्रियों के लिए और यादगार, शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक होगा। आने वाले हफ्तों में यात्रा शुरू होने से पहले मंदिर समिति और प्रशासन सभी व्यवस्थाओं की अंतिम समीक्षा करेंगे ताकि कोई भी कमी न रह जाए।
सुविधा और श्रद्धा दोनों को सुनिश्चित करेगा
इस निर्णय के बाद श्रद्धालु और यात्रा प्रेमियों को मंदिर परिसर में मोबाइल या कैमरे के प्रयोग से रोकने का उद्देश्य साफ है – चारधाम यात्रा को अधिक अनुशासित, सुरक्षित और दिव्य अनुभव बनाने का। मंदिर समिति और प्रशासन का यह कदम निश्चित रूप से आने वाले यात्रियों के लिए सुविधा और श्रद्धा दोनों को सुनिश्चित करेगा।




