नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में शेखपुरा सीट पर RJD और JDU के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। कभी यह सीट कांग्रेस का गढ़ मानी जाती थी, लेकिन पिछले तीन चुनावों में दो बार JDU और एक बार RJD ने जीत दर्ज की है। इस बार चुनावी माहौल में प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी भी समीकरण बिगाड़ने की स्थिति में है। अगर जनसुराज के उम्मीदवार को खास वोट नहीं मिलते या INDIA गठबंधन का वोट कटता है, तो NDA की जीत की संभावना बढ़ जाती है। 2024 लोकसभा चुनाव में भी इस क्षेत्र में NDA को बढ़त मिलती दिखी थी।
शेखपुरा में कांग्रेस का दबदबा रहा, अब बदले समीकरण
शेखपुरा विधानसभा सीट पर 1951 से अब तक 19 चुनाव हो चुके हैं, जिनमें दो उपचुनाव भी शामिल हैं। यह सीट जमुई लोकसभा का हिस्सा है। यहां सबसे ज्यादा 12 बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की, लेकिन 2005 के बाद से कांग्रेस जीत से दूर है। 1967 से 1972 तक तीन बार लगातार CPI ने सीट अपने नाम की। इसके बाद राजो सिंह और उनके परिवार ने करीब 33 साल तक यहां राजनीतिक पकड़ बनाए रखी। राजो सिंह ने 5 बार जीत दर्ज की, जिनमें एक बार वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भी जीते। उनके बेटे संजय सिंह और बहू सुनीला सिंह ने भी दो-दो बार सीट जीती, लेकिन 2010 में सुनीला की हार के साथ कांग्रेस और राजो सिंह परिवार का वर्चस्व खत्म हो गया।
क्या हैं शेखपुरा के मौजूदा चुनावी समीकरण?
कांग्रेस 2005 के बाद से शेखपुरा में कोई चुनाव नहीं जीत पाई है। 2010 और 2015 में JDU ने सीट पर कब्जा जमाया, जबकि 2020 में LJP की बगावत का फायदा RJD को मिला और पहली बार उसने यह सीट जीती। 2024 लोकसभा चुनाव में NDA की एकता का असर दिखा और LJP उम्मीदवार ने बढ़त बनाई। अब 2025 में NDA के जीतने की संभावना मजबूत मानी जा रही है, लेकिन मुकाबला कांटे का ही रहेगा।





