नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार में आज नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी समेत केंद्र से बड़े नेता मौजूद रहे। इसी के बीच RLM के कोटे से एक बड़ी राजनीतिक प्लानिंग सामने आई है उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को बिना चुनाव लड़े मंत्री बनाया गया है।
क्या है मामला?
उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLM को गठबंधन में कुछ सीटें मिली हैं। दीपक प्रकाश ने हाल ही में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था वे विधायक भी नहीं हैं। लेकिन सीट बंटवारे व गठबंधन में हिस्सेदारी के तहत दीपक को मंत्री पद मिला है। चर्चा है कि दीपक को पहले विधान परिषद (MLC) का रास्ता मिलेगा और उसके बाद मंत्री बनाया गया। पहले यह भी संभव नाम था कि उनकी माँ स्नेहलता कुशवाहा को मंत्री बनाया जाए, पर अब बेटे का नाम पहले सामने आ रहा है।
राजनीतिक मायने और संदेश
यह कदम गठबंधन में RLM को सम्मान देने एवं उनकी भूमिका मजबूत करने का संकेत माना जा रहा है। साथ ही यह नए चेहरे और नए समीकरणों को लेकर है चुनाव नहीं लड़े होने के बावजूद मंत्री पद देना इस बात का उदाहरण है कि सीट-साझेदारी में कितना लाभ होता है। हालांकि इस तरह की नियुक्ति पर परिवारवाद या वंशवाद के आरोप भी लग सकते हैं, क्योंकि बेटे को बिना चुनाव लड़े मौका मिल रहा है। शपथ ग्रहण समारोह के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार होगा, जिसमें RLM सहित अन्य सहयोगी दलों को भी हिस्सेदारी मिलेगी। दीपक प्रकाश को मंत्री बनने के बाद विधान परिषद सदस्य बनना होगा इसकी प्रक्रिया जल्दी पूरी होने की संभावना है। इस फैसले से RLM की स्थिति एनडीए में कैसे प्रभावित होगी, यह आगे देखने को मिलेगा।





