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Saturday, March 7, 2026
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प्रशांत किशोर के पर्दाफाश अभियान में फंसे ये दो अध्यक्ष और स्वास्थ्य मंत्री, सनसनीखेज आरोप सुनकर होगी हैरानी

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।

नई दिल्ली/रफ़्तार डेस्क। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शुक्रवार, 8 अगस्त 2025 को पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। इस मौके पर जन सुराज पार्टी से जुड़े अन्य नेता भी मौजूद रहे। पीके ने कहा कि मंगल पांडे स्वास्थ्य मंत्री हैं और दिलीप जायसवाल एक मेडिकल कॉलेज चलाते हैं, मंगल पांडे ने पैसे लेते ही दिलीप जायसवाल के कॉलेज को डीम्ड यूनिवर्सिटी बना दिया।

प्रशांत किशोर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे और दिलीप जायसवाल भाई जैसे हैं। साल 2020 में कोविड के दौरान लोग परेशान थे, उस समय मंगल पांडे ने दिलीप जायसवाल की मदद से दिल्ली के द्वारका में 86 लाख रुपये में एक फ्लैट खरीदा था। पीके ने बताया कि मंगल पांडे के पिता अवधेश पांडे ने फ्लैट खरीदने के लिए अपनी बहू उर्मिला पांडे को 30 लाख रुपये भेजे थे। और दिलीप जायसवाल ने अपने खाते से मंगल पांडे के पिता को 25 लाख रुपये भेजे थे। देखिए मंगल पांडे और दिलीप जायसवाल कितने करीबी दोस्त हैं।

‘डॉक्टरों और वेंडरों से पैसे लेते हैं मंगल पांडे’

प्रशांत किशोर ने इस पैसे के बारे में कहा कि स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे न सिर्फ़ डॉक्टरों और वेंडरों से पैसे लेते हैं, बल्कि अपनी पार्टी के नेता दिलीप जायसवाल से भी रिश्वत लेने लगे हैं। मंगल पांडे स्वास्थ्य मंत्री हैं और दिलीप जायसवाल एक मेडिकल कॉलेज चलाते हैं। इसीलिए, मंगल पांडे के 2020 के हलफनामे में इस बात का कोई ज़िक्र नहीं है कि उन्होंने कोई कर्ज़ लिया है। पैसे लेते ही मंगल पांडे ने दिलीप जायसवाल के कॉलेज को डीम्ड यूनिवर्सिटी बना दिया।

एम्बुलेंस खरीद में भी हेराफेरी?

इस मामले को आगे बढ़ाते हुए पीके ने कहा, फरवरी 2022 में बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने 200 करोड़ रुपये में 1250 एम्बुलेंस खरीदने का टेंडर जारी किया था, जिसमें बिहार सरकार द्वारा कुल 466 टाइप सी एम्बुलेंस खरीदी गईं। एक एम्बुलेंस की कीमत 19 लाख 58 हज़ार 257 रुपये है, जो फ़ोर्स मोटर, टाटा मोटर आधिकारिक तौर पर एम्बुलेंस बनाती है। इसी साल 22 अप्रैल को 28 लाख 47 हज़ार 580 रुपये की लागत से एक एम्बुलेंस खरीदी गई और तकनीकी आधार पर टाटा मोटर को टेंडर से हटा दिया गया।

पीके ने कहा, गौरतलब है कि बिहार में विभिन्न राज्यों की तुलना में बहुत ज़्यादा दामों पर एम्बुलेंस खरीदी गई हैं। यह बेहद गंभीर मामला है जहाँ फ़ोर्स मोटर की एम्बुलेंस की बाज़ार कीमत 19 लाख रुपये है और बिहार सरकार ने उसे 28 लाख में खरीदा, यहाँ भारी भ्रष्टाचार हुआ है। मंगल पांडे के निजी सचिव वर्तमान में बिहार में आयुष्मान कार्ड के प्रमुख हैं। और आयुष्मान कार्ड के माध्यम से सबसे अधिक कलेक्शन दिलीप जायसवाल के कॉलेज के माध्यम से हुआ है।

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