नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन के भीतर मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर चल रही खींचतान आखिरकार खत्म हो गई है। सूत्रों के अनुसार, महागठबंधन ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने पर सहमति बना ली है। पटना के होटल मौर्य में आज महागठबंधन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस होने वाली है, जहां तेजस्वी यादव के नाम की औपचारिक घोषणा की जाएगी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजद, कांग्रेस, भाकपा, माले और वीआईपी समेत सभी सहयोगी दल शामिल होंगे।
‘चलो बिहार, बदलें बिहार’ बनेगा नारा
महागठबंधन ने इस चुनाव के लिए नया नारा दिया है चलो बिहार, बदलें बिहार। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में गठबंधन इस नारे के साथ चुनाव प्रचार की शुरुआत करेगा। होटल मौर्य में तैयारियों के बीच तेजस्वी यादव के बड़े-बड़े पोस्टर लगाए जा चुके हैं, जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि चेहरा तय हो चुका है।
गहलोत ने सुलझाई गुत्थी
मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस और आरजेडी के बीच मतभेद चल रहा था। कांग्रेस तेजस्वी को सीएम फेस बनाने को लेकर हिचकिचा रही थी। लेकिन बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत पटना पहुंचे और लालू प्रसाद यादव व तेजस्वी यादव से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद दोनों दलों के बीच सहमति बन गई। कांग्रेस ने भी अब तेजस्वी यादव के नेतृत्व को स्वीकार कर लिया है। बताया जा रहा है कि गहलोत की पहल से ही यह पेच सुलझा।
सीट बंटवारे पर भी सस्पेंस खत्म होगा
आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में न केवल मुख्यमंत्री उम्मीदवार का ऐलान होगा, बल्कि सीट बंटवारे पर भी अंतिम फैसला सामने आ सकता है। यह भी चर्चा है कि वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जा सकता है। गठबंधन के भीतर अब तक करीब दर्जनभर सीटों पर टकराव की स्थिति थी, लेकिन अब लगभग सभी मतभेद सुलझने की खबर है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने इस बार तेजस्वी सरकार के नारे को स्वीकार कर लिया है और सीट वितरण में भी संतुलन बनाने पर सहमति दी है। इससे गठबंधन अब एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में है। तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में सामने आने से महागठबंधन को अब एक मजबूत दिशा मिल गई है। अशोक गहलोत की मध्यस्थता से कांग्रेस और आरजेडी के बीच बनी एकता ने बिहार चुनाव में विपक्षी खेमे की स्थिति को और मजबूत कर दिया है।




