नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में आज 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान हो रहा है। लेकिन वोटिंग के बीच RJD की तरफ से गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पार्टी प्रवक्ता प्रियंका भारती और लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने दावा किया है कि कुछ जगहों पर आरजेडी समर्थकों को वोट देने से रोका जा रहा है।
रोहिणी आचार्य का ट्वीट- “धांधली के हथकंडे जारी हैं”
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा,“मतदान को प्रभावित करने के लिए वोट चोरों की कारस्तानी – धांधली के हथकंडे जारी हैं… बदलाव की जंग है, इसलिए अंतिम पल तक बूथ पर टिके रहकर सतर्क रहना निहायत जरूरी है। विरोधियों की नापाक मंशा को धैर्य और शांतिपूर्ण तरीके से नाकाम करना होगा। रोहिणी ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह के डर या दबाव में आए बिना मतदान करें और बदलाव के लिए वोट दें। आरजेडी प्रवक्ता प्रियंका भारती ने भी एक्स पर एक वीडियो साझा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दानापुर के नसीरगंज घाट पर मतदाताओं को वोट देने से रोका जा रहा है। प्रियंका ने लिखा ,“दानापुर में नसीरगंज घाट पर मतदाताओं को वोट देने से रोका जा रहा है! मतदाताओं का कहना है कि पुलिस नाव को बूथ तक नहीं जाने दे रही है। चुनाव आयोग इस मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्षता दिखाए। उन्होंने चुनाव आयोग को टैग करते हुए इस घटना की जांच की मांग की है।
“फर्जी मतदान के लिए बाहर से लाए जा रहे लोग”-रोहिणी आचार्य का दावा
रोहिणी आचार्य ने एक और वीडियो साझा किया है, जिसमें कुछ लोग ट्रेन में बैठे दिखाई दे रहे हैं और उन्होंने बीजेपी के पट्टे पहन रखे हैं। वीडियो कथित तौर पर हरियाणा के करनाल स्टेशन का बताया जा रहा है। रोहिणी ने दावा किया,“भाजपा शासित राज्यों से लोगों को बिहार भेजा जा रहा है ताकि फर्जी मतदान कराया जा सके। ये भाजपा-एनडीए की हार की हताशा को दिखाता है। इन घटनाओं के बाद आरजेडी ने चुनाव आयोग से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि निष्पक्ष मतदान लोकतंत्र की आत्मा है और किसी भी तरह की बाधा या धांधली को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। बिहार में पहले चरण का मतदान जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे सियासी तापमान भी बढ़ता जा रहा है। एक तरफ मतदान शांतिपूर्ण कराने की कोशिशें हैं, वहीं दूसरी ओर धांधली और फर्जी मतदान के आरोप भी लग रहे हैं। अब देखना यह होगा कि चुनाव आयोग इन आरोपों पर क्या कदम उठाता है और आगे के चरणों में माहौल कितना शांतिपूर्ण रहता है।




