नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सियासी जोड़तोड़ तेज़ हो गई है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM की ओर से महागठबंधन में शामिल होने की पेशकश पर अब RJD का जवाब आ गया है। आरजेडी सांसद मनोज झा ने शुक्रवार (4 जुलाई) को ओवैसी को सीधी और सधी हुई सलाह दी है।
क्या कहा मनोज झा ने?
आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा: “ओवैसी साहब का जनाधार हैदराबाद में है। बिहार में उनके चुनाव लड़ने से क्या फर्क पड़ता है, यह वह खुद भी जानते हैं और उनके सलाहकार भी। मनोज झा ने कहा कि अगर सच में ओवैसी की मंशा बीजेपी की नफरत की राजनीति को हराना है, तो कभी-कभी चुनाव न लड़ना भी एक राजनीतिक समझदारी होती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ओवैसी इस पर गंभीरता से विचार करेंगे।
तेजस्वी यादव की ‘लंबी लकीर’ का किया ज़िक्र
आरजेडी सांसद ने कहा कि “तेजस्वी यादव ने एक लंबी लकीर खींची है, जो विकास और सामाजिक न्याय की राजनीति को दर्शाती है। ऐसे में ओवैसी को भी उसी संदर्भ में सोचने की ज़रूरत है।” उन्होंने यह भी कहा कि बिहार का यह चुनाव बहुत अहम है और इसमें सेक्युलर वोटों का बिखराव रोकना सबसे जरूरी है।
क्या कहा था AIMIM ने चिट्ठी में?
बता दें कि AIMIM बिहार के अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने आरजेडी प्रमुख लालू यादव को चिट्ठी लिखकर AIMIM को महागठबंधन में शामिल करने की मांग की थी। उन्होंने लिखा था: “अगर हम साथ लड़ेंगे तो सेक्युलर वोटों का बंटवारा नहीं होगा और अगली सरकार महागठबंधन की ही बनेगी।
RJD ने रखी यह बड़ी शर्त
मनोज झा की बातों को राजनीतिक संकेत माना जा रहा है कि RJD किसी भी गठबंधन में AIMIM की भूमिका को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। उन्होंने सीधा तो नहीं कहा, लेकिन यह शर्त रख दी कि अगर वाकई बीजेपी को हराना है, तो ओवैसी को चुनाव न लड़ने पर विचार करना चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम से बिहार की सियासत में हलचल बढ़ गई है। क्या AIMIM महागठबंधन में शामिल होगी या फिर खुद को तीसरे मोर्चे के विकल्प के रूप में पेश करेगी, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा।




