नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता मृत्युंजय तिवारी ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि अब तक आए सभी ओपिनियन पोल यही दिखा रहे हैं कि बिहार की जनता तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती है। उन्होंने केंद्र सरकार और एनडीए गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि अब जब हार सामने दिख रही है, तो चुनाव आयोग के माध्यम से गड़बड़ी की कोशिश की जा सकती है।
तेजस्वी यादव के पक्ष में हवा: RJD का दावा
मृत्युंजय तिवारी ने न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा,”अब तक 3 से 4 सर्वे आ चुके हैं और सभी में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सरकार बनती नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और लोग बदलाव की ओर देख रहे हैं। आरजेडी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर चिंता जताई है। तिवारी ने कहा कि विपक्ष की नजर आयोग की हर कार्रवाई पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल संस्थाओं का गलत इस्तेमाल कर जनता के फैसले को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि तेजस्वी यादव ने अपने सभी आरोपों और बयानों में तथ्यों के आधार पर बात की है और अब चुनाव आयोग को उसका जवाब देना चाहिए।
एनडीए में भी हलचल, सीट बंटवारे पर मंथन जारी
दूसरी ओर, एनडीए गठबंधन ने भी चुनावी तैयारियों में तेजी ला दी है। बीजेपी, जेडीयू और लोजपा के बीच सीट शेयरिंग को लेकर गहन चर्चा चल रही है। चिराग पासवान ने भी विधानसभा चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं। बीजेपी चाहती है कि नीतीश कुमार की अगुवाई में एकजुट होकर सत्ता में वापसी की जाए।
क्या कहता है जनता का मूड?
अब तक जो ओपिनियन पोल सामने आए हैं, उनमें साफ संकेत मिल रहे हैं कि बिहार की जनता विकल्प की तलाश में है। महागठबंधन के पक्ष में लहर बताई जा रही है। आरजेडी इसे जनता की सरकार बनाने का मौका मान रही है। जबकि एनडीए फिर से वापसी की कोशिशों में जुटा है। बिहार का सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। जहां एक ओर तेजस्वी यादव के पक्ष में सर्वे आ रहे हैं, वहीं एनडीए भी आंतरिक रणनीति और गठबंधन समीकरण को मजबूत करने में जुटा है। चुनाव आयोग की निष्पक्षता, सीटों का बंटवारा और जनता का रुख, ये सभी आने वाले हफ्तों में बिहार की राजनीति की दिशा तय करेंगे।




