नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने किशनगंज में आयोजित सभा में बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि जेडीयू (JDU) आने वाले विधानसभा चुनाव में 25 से ज्यादा सीटें नहीं जीत पाएगी। साथ ही उन्होंने दोहराया कि अगर जेडीयू को 25 से ज्यादा सीटें मिलती हैं तो वे राजनीति से सन्यास ले लेंगे।
सभा में धर्म और राजनीति का मिला-जुला अंदाज
कार्यक्रम अंजुमन इस्लामिया प्रांगण में हुआ, जिसमें उलेमा और समुदाय के प्रमुख चेहरे मौजूद थे। सभा में लोगों को विशेष टोपी बांटी गई। मंच से प्रशांत किशोर ने पैगम्बर मोहम्मद साहब और धर्म का हवाला देकर समर्थन मांगा। भीड़ को आकर्षित करने के लिए नाश्ते का इंतजाम किया गया था, लेकिन कई लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें 500 रुपये और भोजन देने का वादा किया गया था जो पूरा नहीं हुआ। इससे अफरा-तफरी और नाराज़गी का माहौल भी दिखा।
विपक्ष और JDU नेताओं पर जमकर बरसे PK
मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर कई बार आक्रामक दिखे। जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव मनीष वर्मा द्वारा शराब माफियाओं से मिलीभगत के आरोप पर उन्होंने उनकी तुलना “सड़क पर चलने वाले कुत्ते” से कर दी। भाजपा सांसद संजय जायसवाल के लीगल नोटिस पर PK ने कहा, “जब गीदड़ की मौत आती है, तो वह शहर की ओर भागता है। नोटिस भेजकर डराने की कोशिश हो रही है, लेकिन मैं 100 ऐसे नेताओं से भी नहीं डरूंगा।
जेडीयू को 25 से आगे बढ़ते नहीं देख रहे PK
PK ने साफ कहा कि जिस तरह बंगाल में भाजपा को 100 सीटें नहीं मिली थीं, वैसे ही बिहार में जेडीयू 25 से ज्यादा सीटें नहीं जीत सकती। उन्होंने ऐलान किया कि अगर उनका अनुमान गलत निकला तो वे हमेशा के लिए राजनीति छोड़ देंगे। सभा में धर्म और पहचान की राजनीति साफ दिखाई दी। टोपी बांटने और धार्मिक संदेश देने से ग्रामीणों में चर्चा रही कि PK मुस्लिम वोट बैंक को लुभाने की रणनीति अपना रहे हैं। हालांकि, कई स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमांचल का मतदाता सिर्फ धर्म के आधार पर वोट नहीं करेगा। किशनगंज की यह सभा प्रशांत किशोर के लिए चर्चा और विवाद दोनों का कारण बनी। जहां एक ओर उन्होंने जेडीयू और भाजपा पर तीखे हमले किए, वहीं सभा की व्यवस्थाओं और उनके बयानों पर भी सवाल उठे।




