नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अब सियासी माहौल और गरम हो गया है। जन सुराज अभियान के प्रमुख प्रशांत किशोर (PK) ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि BJP उनके प्रत्याशियों को तोड़ने में लगी है। उन्होंने यह आरोप केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सीधे तौर पर लगाते हुए कहा कि BJP के नेता जन सुराज से घबराए हुए हैं और इसलिए उनके प्रत्याशियों को प्रलोभन देकर या दबाव डालकर तोड़ने की कोशिश की जा रही है।
शेखपुरा हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस
प्रशांत किशोर ने मंगलवार को पटना के बेली रोड स्थित शेखपुरा हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने इस दौरान BJP नेताओं पर जमकर निशाना साधा और अपने एक प्रत्याशी मुटुर शाह की तस्वीर दिखाई जिसमें वह गृह मंत्री अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान के साथ नजर आ रहे हैं। PK ने कहा, “दानापुर से हमारे प्रत्याशी मुटुर शाह सिंबल लेकर गए थे, लेकिन नामांकन ऑफिस तक नहीं पहुंचे। बीजेपी वाले अफवाह फैलाते रहे कि RJD के गुंडों ने उन्हें बंधक बना लिया है, जबकि सच्चाई ये है कि उन्हें बीजेपी नेताओं ने खुद अपने कब्जे में रखा।
दानापुर सीट पर डर की राजनीति का आरोप
प्रशांत किशोर ने दानापुर विधानसभा सीट का जिक्र करते हुए कहा कि यहां हर बार वोट डर और धमकी के माहौल में डाला जाता है। उन्होंने कहा, “दानापुर के लोग डरकर वोट देते हैं। कोई RJD के रीतलाल यादव से डरता है तो कोई BJP से लेकिन इस बार जनता ने तय कर लिया है कि डरकर वोट नहीं देंगे। उन्होंने बताया कि दानापुर के व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर एक व्यवसायी अखिलेश सिंह उर्फ मुटुर शाह को जन सुराज का उम्मीदवार बनाने का फैसला किया था ताकि चुनाव में तीसरा विकल्प तैयार हो सके।
”BJP नेताओं के साथ खड़ा किया ताकि नामांकन न हो पाए”
प्रशांत किशोर ने आगे कहा तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि मुटुर शाह को अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान के साथ खड़ा किया गया, ताकि वे नामांकन ही न कर सकें। यही है BJP का चाल, चरित्र और चेहरा।” उन्होंने कहा कि BJP यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि जन सुराज के उम्मीदवार भाग रहे हैं या नामांकन नहीं कर पा रहे, लेकिन सच्चाई कुछ और है उन्हें तोड़ा जा रहा है। प्रशांत किशोर ने सवाल उठाया कि अगर किसी प्रत्याशी को पैसे देते या प्रलोभन में फंसाते देखा जाए, तो यह आचार संहिता का उल्लंघन होता है। उन्होंने पूछा जब जन सुराज के प्रत्याशी को तोड़ा जा रहा है, तब चुनाव आयोग कहां है? क्या वो इन घटनाओं को नहीं देख रहा। प्रशांत किशोर के इन गंभीर आरोपों पर अब तक BJP या धर्मेंद्र प्रधान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जन सुराज का बढ़ता असर BJP और RJD दोनों के लिए नई चुनौती बन सकता है, और इसी वजह से प्रशांत किशोर का यह हमला चुनावी चर्चा का केंद्र बन गया है।




