नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सामने आए वोट वाइब सर्वे ने सियासत में नई हलचल मचा दी है। सर्वे में प्रशांत किशोर की पार्टी जन स्वराज को लगभग 10% वोट मिलने का अनुमान जताया गया है। यानी नुकसान किसी का भी हो, फायदा प्रशांत किशोर (PK) को होता दिख रहा है।
पहले सिनेरियो में INDIA गठबंधन को नुकसान
जन स्वराज के 10% वोट में से 5% वोट INDIA गठबंधन से कटते दिखाई दे रहे हैं। इस स्थिति में INDIA गठबंधन का वोट शेयर 34% पर आ जाता है। NDA का वोट शेयर बढ़कर 42% हो जाता है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में NDA सरकार बनने की संभावना ज्यादा हो जाती है। दूसरा सिनेरियो में NDA से वोट कटना यहां जन स्वराज NDA से 5% वोट खींच लेती है। NDA का वोट शेयर घटकर 37% रह जाता है। INDIA गठबंधन का वोट शेयर 39% तक पहुंच जाता है। बाज़ी पलट सकती है और तेजस्वी यादव की अगुवाई में INDIA गठबंधन सरकार बना सकता है। तीसरा सिनेरियो में दोनों गठबंधनों से बराबर वोट कटना जन स्वराज NDA और INDIA दोनों से 2.5-2.5% वोट काटती है। NDA का वोट शेयर 39% और INDIA गठबंधन का 36% रह जाता है। NDA को बढ़त तो मिलती है, लेकिन फासला सिर्फ 3% का रह जाता है।
जन स्वराज के समर्थक कौन हैं?
सर्वे के अनुसार जन स्वराज के समर्थक ज्यादातर युवा और बेरोजगारी से परेशान लोग हैं. 18 से 24 साल की उम्र के लगभग 20 प्रतिशत युवा इस पार्टी को समर्थन दे रहे हैं। ऊंची जातियों से 15 प्रतिशत, मुस्लिम समुदाय से 13 प्रतिशत, ओबीसी से 9 प्रतिशत, अनुसूचित जाति से 6 प्रतिशत और आदिवासी वर्ग से 11 प्रतिशत समर्थन मिलने का अनुमान है। इससे स्पष्ट होता है कि प्रशांत किशोर की अपील बहुस्तरीय है और समाज के अलग-अलग वर्गों को प्रभावित कर रही है।
INDIA गठबंधन को कब फायदा?
अगर कांग्रेस ने तेजस्वी यादव को पूरा समर्थन दिया और सीट बंटवारे पर सहमति बनी, तो महागठबंधन की सरकार बनाने की संभावना बढ़ सकती है। सर्वे के तीनों सिनेरियो बताते हैं कि NDA को पहले और तीसरे सिनेरियो में बढ़त है, जबकि INDIA गठबंधन दूसरे सिनेरियो में फायदा उठा सकता है। लेकिन हर हाल में प्रशांत किशोर की जन स्वराज पार्टी किंगमेकर की भूमिका निभा सकती है।




