नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी है और आंकड़े राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन के पक्ष में दिख रहे हैं। दूसरी ओर, जन सुराज पार्टी को अभी तक कोई सीट नहीं मिलती दिख रही।
पार्टी का बयान: जनता तक पहुंचना आसान काम नहीं
जन सुराज के अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा: “हम शुरू से ही बिहार में नई राजनीति लाने की कोशिश कर रहे थे। यह जनता तक पहुंचाना आसान काम नहीं है। …इन शुरुआती रुझानों से यह साफ है कि जनता हमें समझने में फेल हो गई और हम जनता को समझा पाने में नाकाम रहे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशांत किशोर ने पहले कहा था: “अगर लोग हमारी बात समझेंगे तो हम टॉप पर होंगे, अगर नहीं समझेंगे तो हम फेल हो जाएंगे।
मतगणना के आंकड़े बड़ी तस्वीर बयान कर रहे हैं
मतगणना सुबह 8 बजे 46 केंद्रों से शुरू हुई। रुझानों के अनुसार एनडीए ~202 सीटों, महागठबंधन ~34 सीटों पर आगे है। एनडीए के घटक: जेडीयू- 82 भाजपा -92 एलजेपी-रामविलास -29 अ्न्य-9। महागठबंधन के घटक: आरजेडी -26 कांग्रेस -5, सीपीआई(माले-लेनिन) -1, सीपीआई(माले) -1 अन्य -3। जन सुराज पार्टी ने यह उम्मीद जगाई थी कि वह बिहार की राजनीति में तीसरी प्रमुख ताकत बनकर उभरेगी। लेकिन आंकड़ों ने इस ख्वाब को कमजोर कर दिया है। कारणों में शामिल हो सकते हैं जनता तक स्पष्ट-सिंपल संदेश का न पहुँच पाना। नए चेहरे व पार्टी को स्थापित पार्टियों की पकड़ से पार लगाना मुश्किल। जो समर्थन उन्होंने अपेक्षा किया था वह उम्मीद के मुताबिक नहीं दिखा। अगर चाहें, तो मैं इस समाचार का नियोजन-विश्लेषण कर सकता हूँ जिसमें यह बताया जाए कि जन सुराज पार्टी ने कहां गलती की, और भविष्य में पार्टियों को कैसी रणनीति अपनानी चाहिए।





