नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार की सियासत और विकास का मिलाजुला नजारा सोमवार को देखने को मिला। विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना मेट्रो का उद्घाटन किया और खुद मेट्रो से भूतनाथ स्टेशन तक सफर किया। इस दौरान उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विधानसभा स्पीकर विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद रहे। हालांकि, आम जनता के लिए मेट्रो सेवाएं 7 अक्टूबर से शुरू होंगी।
पटना अब देश का 24वां मेट्रो शहर
पटना में मेट्रो के उद्घाटन के साथ ही शहर देश का 24वां मेट्रो शहर बन गया है। यह परियोजना शहर की बढ़ती ट्रैफिक समस्या को कम करने और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। पहले चरण में ब्लू लाइन (कॉरिडोर-2) आईएसबीटी स्टेशन से भूतनाथ स्टेशन तक 4.5 किलोमीटर लंबा रूट कवर करेगी। इस रूट पर अधिकतम किराया 30 रुपये है और एक स्टेशन का सफर करने के लिए 15 रुपये का शुल्क है।
मेट्रो की टाइमिंग और सुविधाएं
मेट्रो सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक चलेगी। ट्रेन हर 20 मिनट में उपलब्ध होगी और दिन में 40 से 42 फेरे लगाए जाएंगे। प्रत्येक ट्रेन में तीन कोच हैं, जिनमें लगभग 138 लोग बैठ सकते हैं और 945 खड़े हो सकते हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए मेट्रो में 360 डिग्री सीसीटीवी कैमरे, इमरजेंसी बटन और ड्राइवर से सीधे बात करने का माइक लगाया गया है। महिलाओं और दिव्यांगों के लिए 12 आरक्षित सीटें हैं। पटना मेट्रो के कोचों को मधुबनी पेंटिंग से सजाया गया है, जिससे बिहार की सांस्कृतिक पहचान झलकती है।
पटना मेट्रो की पूरी कहानी
2013 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मेट्रो की योजना बनाई। 2014 में कैबिनेट ने डीपीआर को मंजूरी दी और प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिली। 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले कॉरिडोर की आधारशिला रखी। फिर 2019 में PMRCL की स्थापना और DMRC को सलाहकार बनाया गया। 2022 में L&T कंपनी ने फेज-1 के कॉरिडोर-2 के निर्माण का ऑर्डर लिया। कुल लागत 13,925.5 करोड़ रुपये, जिसमें बिहार सरकार, केंद्र सरकार और JICA का योगदान शामिल है। पटना मेट्रो सिर्फ शहर की ट्रैफिक समस्या का हल नहीं है, बल्कि बिहार के विकास और आधुनिक परिवहन का प्रतीक भी बन गया है। चुनाव से पहले यह उद्घाटन नीतीश सरकार के लिए राजनीतिक रूप से भी एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।




