नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बिहार के पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र से सांसद पप्पू यादव ने राजनीति से संन्यास लेने के संकेत दिए हैं, जिससे क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उनका यह कदम आगामी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
साथ ही पप्पू यादव ने लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य द्वारा परिवार और राजनीति छोड़ने के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए यह कहा कि परिवार और राजनीति से जुड़े फैसले व्यक्तिगत होते हैं, और उन्हें पूरी तरह समझने की जरूरत है।
सांसद पप्पू यादव ने रोहिणी आचार्य की सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “अपनों से कभी रिश्ता नहीं टूटता। राजनीति में आपकी जैसी ऊर्जा वाले लोगों की जरूरत है, मेरे जैसे लोगों की नहीं। मैं अगले 4 साल तक अपने दायित्व निभाऊंगा, उसके बाद पूरी तरह आंकलन करूंगा।”
पप्पू यादव ने कहा कि, “मैंने 59 साल बिहार को और हर घर-परिवार को समर्पित किए हैं। चार साल बाद मैं तय करूंगा कि राजनीति करनी चाहिए या नहीं। आप एक अच्छी बेटी, मां और देश की महिला हैं। रोहिणी, आपको यह फैसला वापस लेना चाहिए। मैं हमेशा आपके साथ खड़ा हूं।”
उन्होंने कहा, “बीजेपी कहती है कि मुख्यमंत्री पद के लिए पहले बातचीत करेंगे। चुनाव नीतीश कुमार के चेहरे पर लड़ा गया, अब आप उन्हें मुख्यमंत्री बनाइए।”
हम बांटने वाली राजनीति नहीं करते- पप्पू यादव
उन्होंने कहा, “आज पप्पू यादव अपनी गलती स्वीकार करेंगे। हम बांटने वाली राजनीति नहीं करते। 33 सीटें बहुत कम वोटों से जीती गई हैं। बांटो और राज करो, बीजेपी ने अच्छा किया। हमने बेहतर काम किए। एयरपोर्ट और कनेक्टिविटी लाई। गलती मुझसे हुई, मैं स्वीकार करता हूं। पार्टी के अंदर ही नेता के सही गलत का आंकलन होगा।”




