नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया शुक्रवार को पूरी हो गई। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, अब तक 1,250 से ज्यादा उम्मीदवारों ने अपने नामांकन दाखिल किए हैं। पहले चरण में 121 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी। अभी कुछ जिलों से आंकड़े आना बाकी हैं, इसलिए यह संख्या और बढ़ सकती है।
इंडिया’ गठबंधन में उलझन, NDA में आत्मविश्वास
जहां एनडीए (NDA) का चुनावी अभियान पूरे जोश में चल रहा है, वहीं ‘इंडिया’ गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति है। कई जगहों पर गठबंधन के एक से अधिक उम्मीदवारों ने नामांकन कर दिया है, जिससे फ्रेंडली फाइट की स्थिति बनती दिख रही है। कांग्रेस और राजद के बीच जाले, लालगंज, वैशाली और कहलगांव जैसी सीटों पर आपसी टकराव सामने आया है। वहीं बछवाड़ा, राजापाकर और रोसेरा में कांग्रेस को भाकपा से सीधी चुनौती मिल सकती है।
राघोपुर से फिर मैदान में तेजस्वी यादव
राजद नेता तेजस्वी यादव राघोपुर सीट से लगातार तीसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी इस बार खुद चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि इंडिया गठबंधन की सरकार बने और मैं उपमुख्यमंत्री बनूं। पहले चरण में कई बड़े नाम मैदान में हैं सम्राट चौधरी (तरापुर), विजय कुमार सिन्हा (लखीसराय) मंगल पांडे (भाजपा) विजय कुमार चौधरी (जदयू) भाजपा ने चुनाव प्रचार का आगाज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सारण रैली से किया। उन्होंने वहां जनता से अपील की कि लालू प्रसाद को फिर वापसी का मौका न दें। अमित शाह ने अपने भाषण में कहा, “राजद के शासनकाल में बिहार एक गड्ढे में था, हमने उस गड्ढे को भर दिया है। अब अगले पांच सालों में एक मजबूत इमारत खड़ी करेंगे। उन्होंने राजद-कांग्रेस गठबंधन पर अपराधियों और घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। अमित शाह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर राजनीतिक हलचल पर विराम लगाया। उन्होंने साफ किया कि “एनडीए चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ रहा है। भाजपा के सहयोगी नेताओं ने इस बयान का स्वागत किया, हालांकि राजद और कांग्रेस ने कहा कि शाह ने स्पष्ट रूप से यह नहीं बताया कि जीत के बाद सीएम कौन बनेगा।




