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Thursday, March 12, 2026
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चुनाव से पहले बिहार के शिक्षकों के लिए चौंकाने वाली खबर, 5 साल तक नहीं होगा ट्रांसफर, जानिए क्या है कारण?

बिहार में शिक्षा विभाग में एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी है। नई तबादला नियमावली लागू होने के बाद नियुक्ति की तारीख से लेकर पांच साल तक किसी भी शिक्षक का ट्रांसफर नहीं होगा।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अब नियुक्ति की तारीख से लेकर पांच साल तक किसी भी शिक्षक का ट्रांसफर नहीं होगा। नई तबादला नियमावली को अंतिम रूप दिया जा रहा है, और यह कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू हो जाएगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह निर्णय शिक्षकों की स्थिरता और कार्य प्रदर्शन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

विशेष परिस्थितियों में ही मिलेगा ट्रांसफर का मौका

अगर यह नियम लागू हो जाता है, तो शिक्षकों के लिए बड़ा बदलाव होगा। नियुक्ति की तारीख से लेकर पांच साल तक उन्हें अपने वर्तमान स्थान पर ही बने रहना होगा। हालांकि, कुछ शिक्षकों को इस नियम से राहत दी गई है। जो शिक्षक असाध्य और गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं, उन पर यह पांच साल का नियम लागू नहीं होगा और विशेष परिस्थिति में उनका ट्रांसफर संभव होगा।

ट्रांसफर के लिए साल में दो बार आवेदन की सुविधा

तबादले की पूरी प्रक्रिया ई-शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाएगी। शिक्षक साल में दो बार, यानी मई और नवंबर में, ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे। फिलहाल राज्य में विभिन्न श्रेणी के शिक्षकों के तबादले के लिए स्पष्ट नियमावली नहीं है। इसी वजह से शिक्षा विभाग सभी कोटि के शिक्षकों, जैसे- पुराने शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक, प्रधानाध्यापक और प्रधान शिक्षकों के लिए एक तबादला नियमावली बना रही है। हालांकि शिक्षा विभाग पहले भी अलग-अलग नियमावली बना चुका है, लेकिन उन्हें अब तक लागू नहीं किया जा सका है।

नई तबादला नियमावली बनाने में जुटा शिक्षा विभाग

रिपोर्ट के मुताबिक, शिक्षा विभाग राज्य के लगभग छह लाख स्कूली शिक्षकों के तबादले के लिए नई नियमावली बनाने में जुटा है। इस नियमावली के लागू होने के बाद जिला स्तरीय शिक्षकों का तबादला जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित आठ सदस्यीय समिति द्वारा किया जाएगा। इस समिति में उप विकास आयुक्त, एक SDM स्तर का अधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी शामिल होंगे।

वहीं, प्रधानाध्यापक और प्रमंडल स्तर के अन्य शिक्षकों के तबादले के लिए प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति बनाई जाएगी। इस समिति में क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक (RDDE) और प्रमंडल स्तर के अधिकारी शामिल होंगे। विशेष परिस्थितियों में, यदि एक स्कूल में सृजित पदों की तुलना में अधिक शिक्षक तैनात हैं और अन्य स्कूलों में शिक्षक कम हैं, तो पांच साल की अवधि से पहले भी शिक्षकों का तबादला किया जा सकेगा।

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